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कोरोना के गंभीर मरीजों को अब नहीं दी जाएगी एजिथ्रोमाइसिन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लगाई रोक
Fri, 12 Jun 2020 05:39 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Fri, 12 Jun 2020 05:39 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालाय ने कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर मरीजों को एजिथ्रोमाइसिन की दवाई देने पर रोक लगा दी है। एजिथ्रोमाइसिन को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) के कॉम्बिनेशन के साथ कोरोना के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दिया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्रालाय के अनुसार एजिथ्रोमाइसिन कोरोना वायरस के मरीजों के लिए बहुत ज्यादा फायेदमंद साबित नहीं हो रहा था।
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अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दावा किया था कि कोरोना के मरीजों को दी जाने वाली ड्रग हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। शोधकर्ताओं का दावा है कि दोनों दवाएं एक साथ दें या फिर अलग-अलग, इन दोनों ही स्थितियों में मरीज के कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
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हेल्थ जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक, मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन का असर मानव शरीर के हृदय पर पड़ता है। बताया गया है कि इसके इस्तेमाल से कोरोना के मरीजों के हृदय की धड़कन तेज या धीमी हो सकती है।
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