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वित्त मंत्री अरुण जेटली बोले- सरकार को नहीं चाहिए छह महीने तक आरबीआई से अतिरिक्त फंड

Sat, 24 Nov 2018 08:38 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sat, 24 Nov 2018 08:38 PM IST
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Government does not want additional funds from RBI for six months
अरुण जेटली - फोटो : SELF
चुनावी साल में लुभावनी योजनाएं चलाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रिजर्व फंड पर नजर गड़ाने के आरोपों का केंद्र सरकार ने शनिवार को करारा जवाब दिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार को अगले छह महीने तक आरबीआई या किसी अन्य संस्थान से किसी भी तरह का अतिरिक्त फंड लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बिना भी सरकार अपने राजकोषीय घाटे के तय लक्ष्य को हासिल कर सकती है।
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जेटली ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, हमें किसी अन्य संस्थान से हमारे राजकोषीय घाटे के लिए वित्तीय मदद के तौर पर अतिरिक्त फंड की आवश्यकता नहीं है। स्पष्ट तौर पर यह सरकार की मंशा नहीं है। आरबीआई को अपने दायरे में लाने के प्रयास वाले आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार संस्थान की स्वायत्तता का सम्मान करती है। उन्होंने कहा, हम स्वायत्तता का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि उसी समय कुछ खास क्षेत्र नकदी संकट से गुजर रहे हैं तो आरबीआई के पास कुछ तय अधिकार होने के बावजूद हमें अर्थव्यवस्था के व्यापक हित में उन मुद्दों को अहम तरीके से उठाना ही होगा।  
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नया पूंजी ढांचा भविष्य की सरकारों को देगा लाभ

जेटली ने कहा, हम सभी मानते हैं कि कुछ मानदंड तय किए जाएं, जिनके तहत रिजर्व बैंक के पास एक पूंजी ढांचा मौजूद हो। वित्त मंत्री ने कहा कि नए पूंजी ढांचे के बाद अतिरिक्त धन का उपयोग आने वाले सालों में अगली सरकार गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के लिए कर सकती हैं। बता दें कि आरबीआई बोर्ड की बैठक में आर्थिक पूंजीगत ढांचे (ईसीएफ) के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया गया था।

वित्त मंत्री का दावा

9.59 लाख करोड़ रुपये का रिजर्व फंड होने की जानकारी दी है भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने पास
4.6 फीसदी हिस्सा था भारतीय घरेलू विकास दर का राजकोषीय घाटा पिछले वित्त वर्ष के दौरान
3.3 फीसदी तक घरेलू विकास दर के मुकाबले घटाकर लाने का लक्ष्य है राजकोषीय घाटे को चालू वित्त वर्ष में
06 फीसदी का राजकोषीय घाटा कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए शासनकाल में होने का दावा किया है जेटली ने
1947 से 5 साल पूरा करने वाली सभी सरकारों में वित्तीय दूरदर्शिता का श्रेष्ठ रिकॉर्ड मानते हैं वर्तमान सरकार का जेटली
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