रेंटल इनकम पर सरकार ने लगाई लगाम, मकान मालिकों को देना होगा 5 फीसदी टीडीएस
मकान या दुकान मालिकों की रेंटल इनकम पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। अब 50 हजार रुपये प्रति माह से ज्यादा की रेंटल इनकम कमाने वाले मालिकों को टीडीएस देना होगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों को टैक्स के दायरे में लाने के लिए सरकार ने इस बात की घोषणा बजट में की थी।
1 जून से लागू होगा फैसला
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में इस प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि यह फैसला 1 जून 2017 से लागू होगा। सरकार ने कहा कि किरायेदार भी अगर हर महीने 50 हजार रुपये से अधिक का किराया देते हैं तो वो भी 5 फीसदी टीडीएस काट कर किराया जमा कर सकेंगे। इसकी घोषणा वो अपने रिटर्न में भी दे सकते हैं।
साल में एक बार काटना होगा पूरे किराये पर टीडीएस
प्रस्ताव के अनुसार, ऐसे किरायेदारों को टैन नंबर लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जो किराये में से टीडीएस को काटेंगे। ऐसे किरायेदारों को साल के अंत में अदा किए गए पूरे किराये पर 5 फीसदी टीडीएस काटना होगा।
इसका मतलब यह है कि अगर आप हर महीने 60 हजार रुपये किराया अदा करते हैं तो साल भर में कुल किराया हुआ 720000 रुपये। अब इस पर 5 फीसदी टैक्स के रुप में 36 हजार रुपये काटकर 684000 रुपये देने होंगे।
यह 5 फीसदी रकम किरायेदार मकान मालिक के अकाउंट से काटेगा और बैंक में सरकार के पास जमा करवाएगा। इसके अलावा इसकी जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त किरायेदार को खुद देनी होगी और साथ में मकान मालिक का पैन नंबर भी देना होगा।