Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   gokul dairy row rahul gandhi satej patil maharashtra politics

गोकुल डेयरी विवाद: राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया जनादेश चोरी का आरोप, महाविकास आघाड़ी क्यों हुई हमलावर?

Thu, 05 Nov 2026 04:42 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 05 Nov 2026 04:42 PM IST
सार

कोल्हापुर की गोकुल डेयरी के चुनावों में कांग्रेस समर्थित पैनल द्वारा बहुमत हासिल करने के बावजूद, महाराष्ट्र सरकार द्वारा सहकारिता नियमों में बदलाव कर चार अतिरिक्त सरकारी निदेशक नियुक्त करने के फैसले पर राज्य में भारी राजनीतिक बवाल मच गया है। राहुल गांधी और महाविकास आघाड़ी के अन्य नेताओं ने इसे जनता के जनादेश की चोरी बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि विपक्ष ने इसके खिलाफ 9 नवंबर को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और डेयरी घेराव का ऐलान किया है।
 

विज्ञापन
gokul dairy row rahul gandhi satej patil maharashtra politics
गोकुल डेयरी विवाद - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त कोल्हापुर की मशहूर 'गोकुल डेयरी' (कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ) को लेकर घमासान मचा हुआ है। राज्य की सत्ता पर काबिज महायुति सरकार और विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के बीच सहकारिता के इस अहम केंद्र पर कब्जा जमाने को लेकर सीधी जंग शुरू हो चुकी है। हाल ही में हुए चुनावों में कांग्रेस समर्थित पैनल ने जीत दर्ज की थी, जिसके बाद से राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शनों का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दलों का साफ आरोप है कि सरकार चुनाव हारने के बाद अब पिछले दरवाजे से नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रही है।
विज्ञापन


सहकारिता चुनाव में किसे मिली थी जीत?
19 अक्तूबर को हुए गोकुल डेयरी के चुनावों में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल के नेतृत्व वाले पैनल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 25 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि सत्ताधारी गठबंधन समर्थित पैनल को 12 सीटें मिली थीं। चुनाव नतीजों के बाद चेयरमैन पद का चुनाव होना था, लेकिन सत्ताधारी खेमे के 12 निर्देशकों के गैर-हाजिर रहने के कारण चुनाव टल गया, जिसके बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। अदालत ने सभी 25 निर्देशकों को नोटिस जारी करते हुए 10 नवंबर को चेयरमैन का चुनाव कराने का निर्देश दिया, और सरकार ने भी अदालत के सामने स्पष्ट किया था कि चुनाव इन्हीं 25 लोगों के बीच कराया जाएगा।
विज्ञापन


सरकार के किस फैसले पर भड़के नेता?
अदालत के निर्देश के बावजूद राज्य कैबिनेट ने बुधवार को एक नया अध्यादेश पास कर दिया, जिसके तहत 500 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले सहकारी संस्थानों में चार अतिरिक्त सरकारी नामांकित निर्देशकों को वोटिंग अधिकार के साथ नियुक्त करने का रास्ता साफ हो गया। इस फैसले को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'जनादेश के साथ मिलावट' और दूध उत्पादकों के वोटों की खुली चोरी करार दिया। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव हारने के बाद अपनी संख्या बल को जबरन बढ़ाने के लिए ही यह अध्यादेश लाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: गोवा एसआईआर विवाद: हाईकोर्ट का चुनाव आयोग को सख्त आदेश, 10 दिन में मतदाता सूची से जुड़ेंगे हटाए गए छह नाम


महाविकास आघाड़ी का अगला कदम क्या होगा?
कोल्हापुर के स्थानीय स्तर से लेकर मुंबई तक इस फैसले के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, जिसे लेकर विपक्ष अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने इस पूरे घटनाक्रम को कोल्हापुर की जनता के स्वाभिमान पर सीधा हमला बताया है और इसके विरोध में 9 नवंबर को दशहरा चौक से जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक विशाल विरोध मार्च निकालने का एलान किया है। इसके साथ ही एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से अपील की है कि वे चेयरमैन पद के चुनाव के दौरान गोकुल डेयरी का घेराव करें, जिससे इस फैसले का पुरजोर विरोध किया जा सके।

गोकुल डेयरी का अर्थव्यवस्था में कितना बड़ा महत्व?
कोल्हापुर स्थित यह सहकारी डेयरी केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि पश्चिमी महाराष्ट्र के लाखों किसानों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो सीधे तौर पर उनकी आजीविका से जुड़ा हुआ है। यह डेयरी लगभग 5.5 लाख किसानों से रोज करीब 20 लाख लीटर दूध का संग्रहण करती है और बदले में उन्हें हर 10 दिन के अंतराल पर लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान करती है। यही वजह है कि इस संस्था के प्रबंधन और चुनाव परिणामों में फेरबदल की कोशिशों को लेकर स्थानीय दूध उत्पादकों और राजनीतिक दलों के बीच तीखा आक्रोश बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed