महाराष्ट्र: अमिताभ बच्चन के बुलेटप्रूफ शीशे को लेकर कांग्रेस का हमला, कहा- ये मोदी और फडणवीस सरकार की नाकामी
अमिताभ बच्चन के बंगले जलसा के बाहर प्रशंसकों से मिलने के दौरान लगाया गया बुलेटप्रूफ शीशा हटा दिया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने मोदी और फडणवीस सरकार को घेरते हुए इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बताया। पार्टी ने फिल्म उद्योग की सुरक्षा पर सवाल उठाए। आखिर अमिताभ को शीशे के पीछे क्यों खड़ा होना पड़ा? क्या हालिया धमकियों और हमलों ने बॉलीवुड में डर बढ़ाया है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का प्रशंसकों से बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे खड़े होकर मिलना अब महाराष्ट्र की राजनीति में मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने इसे केंद्र की नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार की कानून-व्यवस्था की नाकामी बताया है। पार्टी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने सवाल उठाया कि जब देश के इतने बड़े अभिनेता को अपने ही घर के बाहर प्रशंसकों से मिलने के लिए बुलेटप्रूफ सुरक्षा की जरूरत पड़ रही है, तो फिल्म उद्योग के बाकी कलाकार कितने सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि शीशा हटने से कलाकारों के मन का डर खत्म नहीं होगा।
सचिन सावंत ने बयान जारी कर कहा कि अमिताभ बच्चन के घर के बाहर लगाया गया बुलेटप्रूफ शीशा रविवार, 8 नवंबर को हटा दिया गया। हालांकि, उन्होंने सवाल किया कि इसे हटाने का फैसला आलोचना के बाद लिया गया या सत्ताधारी भाजपा के दबाव में। उन्होंने कहा कि इसकी असली वजह अभिनेता ही बता सकते हैं। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि फिल्म उद्योग को सुरक्षित माहौल कब मिलेगा। उनके मुताबिक, बुलेटप्रूफ शीशे का इस्तेमाल सरकारों की नाकामी को दिखाता है।
अमिताभ बच्चन को बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे क्यों खड़ा होना पड़ा?
अमिताभ बच्चन कई वर्षों से मुंबई के जुहू इलाके में स्थित अपने बंगले जलसा के बाहर आने वाले प्रशंसकों से मिलते रहे हैं। आम तौर पर वह घर के बाहर खड़े होकर प्रशंसकों का अभिवादन करते हैं। लेकिन पिछले सप्ताह पहली बार वह बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे खड़े दिखाई दिए। इस दृश्य के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर एक प्रसिद्ध अभिनेता को अपने ही घर के परिसर में प्रशंसकों से मिलने के लिए इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी। इसी घटना को लेकर अब कांग्रेस ने सरकार को घेरा है।
शीशा हटने के बाद भी कांग्रेस ने सरकार से क्या सवाल पूछे?
सावंत ने कहा कि बुलेटप्रूफ शीशा तो हटा दिया गया, लेकिन बॉलीवुड के अभिनेता, कलाकार, निर्माता और निर्देशक के मन में बैठा डर कब दूर होगा। उन्होंने सवाल किया कि फिल्म उद्योग को ऐसा सुरक्षित माहौल कब मिलेगा, जहां कलाकार बिना किसी डर के काम कर सकें। कांग्रेस नेता ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि डर का माहौल बनाने के लिए जिम्मेदार गैंगस्टर गुजरात की साबरमती जेल में आराम से रह रहा है। उन्होंने केंद्र और महाराष्ट्र की सरकारों को निशाने पर लेते हुए इसे दोनों सरकारों की विफलता बताया।
अमिताभ बच्चन की सुरक्षा बढ़ाने की नौबत क्यों आई थी?
अमिताभ बच्चन के घर के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था पिछले सप्ताह मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े को भेजे गए एक धमकी भरे ईमेल के बाद की गई थी। इस ईमेल में बच्चन के आवास पर बम विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। इसके बाद अभिनेता के प्रशंसकों से मिलने के दौरान बुलेटप्रूफ शीशे का इस्तेमाल किया गया। इस घटना ने फिल्म उद्योग की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी। विपक्षी नेताओं ने इसे भाजपा शासन में खराब कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया और सरकार से जवाब मांगा।
हाल के महीनों में फिल्मी हस्तियों को लेकर कौन सी घटनाएं हुईं?
- हाल के महीनों में बॉलीवुड की कई हस्तियों को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से धमकियां मिली हैं।
- 18 अक्तूबर को जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर दो हमलावरों ने पांच गोलियां चलाई थीं।
- इस घटना में 36 वर्षीय अभिनेता को ज्यादा चोट नहीं आई, लेकिन उनकी कार का चालक और वहां मौजूद एक व्लॉगर घायल हो गए।
- कांग्रेस ने इन घटनाओं का हवाला देते हुए फिल्म उद्योग की सुरक्षा और सरकारों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं।
सावंत ने आरोप लगाया कि बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे अमिताभ बच्चन का खड़ा होना केंद्र और महाराष्ट्र की दोनों सरकारों की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि कलाकारों को सुरक्षित माहौल देने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। कांग्रेस का सवाल है कि जब फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियों को लगातार धमकियां मिल रही हैं और हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो सरकार उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है। हालांकि, बुलेटप्रूफ शीशा हटाए जाने के पीछे की वजह पर सावंत ने भी कोई निश्चित जानकारी नहीं दी।