फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Germany came forward: Oxygen plant sent to India, four lakh liters will be produced every day

जर्मनी आया आगे: भारत भेजा ऑक्सीजन प्लांट, रोज चार लाख लीटर का होगा उत्पादन

Fri, 07 May 2021 08:55 PM IST
सुरेंद्र जोशी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 07 May 2021 08:55 PM IST
सार

जर्मनी भारत को ऑक्सीजन प्लांट के साथ कई स्वास्थ्य उपकरण मुहैया करवा रहा है।
 

विज्ञापन
Germany came forward: Oxygen plant sent to India, four lakh liters will be produced every day
जर्मनी से भारत पहुंचा प्लांट - फोटो : self

विस्तार

भारत में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। बेकाबू होती कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने के लिए दुनियाभर के देश भी अब भारत की मदद करने में जुट गए हैं। देश में ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए जर्मनी ने ऑक्सीजन प्लांट भारत भेज दिया है।
विज्ञापन


इस मेगा मोबाइल ऑक्सीजन जनरेशन एंड फिलिंग प्लांट से रोज चार लाख लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। जर्मन दूतावास के अनुसार, भारत कोविड 19 की लड़ाई लड़ रहा है। दूसरी लहर के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। इस बीच भारत और उसके नागरिकों की मदद के लिए दुनियाभर के देश आगे आ रहे है। 
विज्ञापन


हर विषम स्थिति में साथ निभाने के अपने वादे को ध्यान में रखते हुए यूरोपियन यूनियन, जर्मनी और जर्मन फेडरल राज्य भारत की इस आपात स्थिति में मदद के लिए आगे आए हैं। भारत और जर्मनी के बीच गहरी दोस्ती हैं। जर्मनी इस कठिन दौर में भारत के साथ खड़ा है। इसके चलते जर्मनी भारत को ऑक्सीजन प्लांट के साथ कई स्वास्थ्य उपकरण मुहैया करवा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूतावास के मुताबिक, जर्मनी से आए ऑक्सीजन प्लांट को दिल्ली के सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड अस्पताल कैंट में लगाया  जा रहा है। यह भारत में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में काफी सहायक होगा। इसको प्लांट को इंस्टाल करने में महज दो दिन लगेंगे। इस प्लांट के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर भी भरा जा सकेगा। 

प्लांट इंस्टालेशन के लिए 13 जर्मन पैरामेडिकल स्टाॅफ भी आया है, जो इसकी देखभाल करेगा। बाद में जब प्लांट पूरी तरह से काम करने लगेगा तो इसको रेडक्रॉस सोसाइटी को सौंप दिया जाएगा। जर्मन से आया स्टाफ इस प्लांट के मैनेजमेंट को लेकर में भारतीय रक्षा कर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगा।


गौरतलब है कि, यूरोपीय यूनियन इमरजेंसी रिलीफ मैकेनिज्म (यूसीपीएम) के जरिए जर्मनी 55,000 रेमेडिसविर्स का योगदान दे रहा है। जर्मन वायु सेना ने पहले ही 1 मई को एक विशेष उड़ान के जरिए वेंटिलेटर और स्वास्थ्य उपकरण भारत भेज चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed