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World Leopard Day: तेंदुए के अंगों को बाघ का बताकर तस्करी, वन्यजीव पर संकट; फोर पॉज ने अपनी रिपोर्ट में चेताया

Sun, 04 May 2025 05:07 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 04 May 2025 05:07 AM IST
सार

फोर पॉज के अनुसार तस्कर और व्यापारी तेंदुए के अंगों को बाघ का बताकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में धड़ल्ले से बेच रहे हैं। इनमें हड्डियां, दांत, खोपड़ी और खाल शामिल हैं। इन अंगों की मांग पारंपरिक एशियाई दवाओं, और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल की जाने वाली खाल, कीमती आभूषणों और सजावटी वस्तुओं में होती है। इस फर्जी लेबलिंग ने तेंदुओं को एक नई मुश्किल में डाल दिया है। 

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Four Paws warned leopard body parts being smuggled in international market by declaring them tiger parts
तेंदुआ। - फोटो : सांकेतिक

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बाघों के अंगों की भारी मांग के कारण शिकारी व तस्कर अब तेंदुओं के अंगों को बाघों का बताकर बेच रहे हैं। यह चिंताजनक प्रवृत्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय पशु कल्याण संगठन फोर पॉज ने अपनी ताजा रिपोर्ट में सचेत किया है।

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फोर पॉज के अनुसार तस्कर और व्यापारी तेंदुए के अंगों को बाघ का बताकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में धड़ल्ले से बेच रहे हैं। इनमें हड्डियां, दांत, खोपड़ी और खाल शामिल हैं। इन अंगों की मांग पारंपरिक एशियाई दवाओं, और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल की जाने वाली खाल, कीमती आभूषणों और सजावटी वस्तुओं में होती है। इस फर्जी लेबलिंग ने तेंदुओं को एक नई मुश्किल में डाल दिया है। विश्व तेंदुआ दिवस (3 मई) पर फोर पॉज की वाइल्ड एनिमल ट्रेड प्रमुख वनेसा एमोरोसो ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि सभी देश सीआईटीईएस के नियमों को कड़ाई से लागू करें। तेंदुए आज एक संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध तंत्र के शिकार बन चुके हैं। अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो ये सुंदर प्राणी विलुप्त होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। यह न सिर्फ जैव विविधता की हानि होगी बल्कि हमारी साझा प्राकृतिक उत्तराधिकार की रक्षा करने में एक नैतिक विफलता भी होगी।
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आबादी में भारी गिरावट, संरक्षण को चुनौती
कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड स्पीशीज (सीआईटीईएस) जैसे कड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनों के बावजूद तेंदुओं की अवैध तस्करी तेजी से हो रही है। 2020 से 2023 के बीच लगभग 12,000 तेंदुओं और उनके अंगों का व्यापार दर्ज किया गया है। पिछले 22 सालों में इनकी संख्या में 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। ये इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) की खतरे में पड़ी प्रजातियों की लाल सूची के अपडेट का हिस्सा हैं।

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75% प्राकृतिक आवास खत्म

  • रिपोर्ट अनुसार, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और एशिया में तेंदुए अपने पारंपरिक आवासों का लगभग 75 फीसदी हिस्सा खो चुके हैं।
  • दक्षिण अफ्रीका में बड़ी बिल्लियों को पालने का चलन अंतरराष्ट्रीय तस्करी को बढ़ावा दे रहा है। यहां की कमजोर कानूनी प्रणाली ने इस अवैध कारोबार को वैश्विक संकट का अहम केंद्र बना दिया है।

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