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मौज-मस्ती में निकले थे LoC पार करने, भूख-प्यास और डर से लौटे उलटे पांव

Mon, 03 Jul 2017 08:05 AM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार Updated Mon, 03 Jul 2017 08:05 AM IST
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Four missing boys's family blaims that their childs are detained by kupwara police

जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर से सटे कुपवाड़ा जिले से गायब हुए चार किशोरों को पुलिस ने बचा तो लिया, लेकिन उन्हें लंबी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। किशोरों के परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चों को गिरफ्तार किया गया और अब उन्हें गंभीर पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। चौंका देने वाली बात है कि ये सभी कुछ किलो चावल, बिस्किट, स्लीपिंग बैग, दो स्कूल बैग और 280 रुपये लेकर एलओसी पार करने के लिए निकले थे। 

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बताया जा रहा है कि मौज मस्ती में ये एलओसी पार करने की फिराक में थे, लेकिन भूख-प्यास और डर से इनके पैर उलटे घर की ओर लौट गए। चारों किसी एक युवक की मदद से एलओसी पार करके पाकिस्तान जाने की फिराक में थे। चारों ईद के जश्न के बाद से ही अपने-अपने घरों से निकल गए थे। 
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इन किशोरों की उम्र क्रमशः 15 साल, 13 साल और 11 साल है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 13 साल के किशोर ने घर से निकलकर पाकिस्तान जाने और वापसी की आपबीती बयान की है। उसने बताया कि वे चावल, चायपत्ती, बिस्किट और स्लीपिंग बैग लेकर गए थे। 13 साल के अब्दुल (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उन्हें 11वीं क्लास में पढ़ने वाले किशोर ने सारी चीजें समझा दी थी और वे प्लान के मुताबिक निकल गए।

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8 किलोमीटर चलने के बाद घर की याद सताई

Four missing boys's family blaims that their childs are detained by kupwara police

उसने बताया कि अपने इलाके से करीब 8 किलोमीटर पैदल चलने के बाद उन्होंने वहीं कैंप लगाकर रात काटी। लेकिन 11 साल का बच्चा अपने परिजनों को याद करके रोने लग गया और इसी वजह से कोई भी पूरी रात सो नहीं सका। भूख लगने पर उन्होंने चावल पकाए पर चारों में से कोई भी खाना बनाना नहीं जानता था, उन्हें अधपके चावल ही फांकना पड़ा।

11 साल का रहीम (बदला हुआ नाम) जब चुप नहीं हुआ तो बाकी किशोरों ने सेना से मदद लेने का फैसला किया। हालांकि उन्हें यह डर भी था कि जवान उन्हें मार सकते हैं। फिर भी सभी ने घर वापस जाने का फैसला लिया, लेकिन तब तक परिजनों ने उनके गायब हो जाने की रिपोर्ट पुलिस में लिखवा दी थी। 

जब वे सभी घर पहुंचे तो परिजनों और गांव वालों ने पुलिस को इसकी खबर नहीं दी, लेकिन जब उनकी वापसी की खबर पुलिस को लगी तो उसने सभी किशोरों को पूछताछ के लिए उठा लिया। अब परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनके बच्चों से पूछताछ के नाम पर सख्ती बरत रही है। साथ ही उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में भी रखा गया है। वहीं, कुपवाड़ा पुलिस का दावा है कि बच्चों से पूछताछ के बाद सभी को उनके परिजों को सौंप दिया गया था।

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