US: डेट्रॉइट में यहूदी मंदिर पर हमले का हिजबुल्ला कनेक्शन; FBI बोला- आरोपी ने वीडियो में बताए थे खतरनाक इरादे
अमेरिका के मिशिगन के डेट्रॉइट में 'टेम्पल इस्राइल' पर 12 मार्च को हुए हमले को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। मामले में एफबीआई ने अब दावा किया है कि हमलावर अयमान गजाली हिजबुल्ला से प्रेरित था। गजाली ने हमले से पहले वीडियो बनाकर अपनी हिंसक मंशा भी जाहिर की थी।
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अमेरिका के मिशिगन के डेट्रॉइट इलाके में मार्च की शुरुआत में एक यहूदी मंदिर (सिनेगॉग) पर ट्रक से हुए हमला के मामले में एक बड़ी खबर सामे आ रही है। मामले में अब फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने सोमवार को बड़ा दावा करते हुए बताया कि हमला करने वाला व्यक्ति अयमान गजाली ईरान समर्थित आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह से प्रेरित था। डेट्रॉइट में एफबीआई की प्रमुख जेनिफर रन्यान ने कहा कि गजाली ने हमले से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी हिंसक मंशा जाहिर की थी। वीडियो में उसने कहा था कि वह जितने ज्यादा लोग मार सके, मारना चाहता है।
बता दें कि ये घटना बीते 12 मार्च की है। हमले का शिकार मंदिर 'टेम्पल इस्राइल' है, जो ‘रिफॉर्म यहूदी धर्म’ का हिस्सा है। यह यहूदी धर्म की सबसे बड़ी शाखा है और सामाजिक न्याय और समानता जैसे मुद्दों पर जोर देती है। मंदिर की स्थापना 1941 में डेट्रॉइट में हुई थी। 1980 के दशक में इसे वेस्ट ब्लूमफील्ड में ले जाया गया। अब इसके 12,000 से अधिक सदस्य हैं।
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अब समझिए पूरा घटना क्रम
एफबीआई के अनुसार डियरबॉर्न हाइट्स में रहने वाला गजाली मंदिर की पार्किंग में कुछ घंटों तक रुका रहा। इसके बाद उसने बंद दरवाजों को तोड़कर अपना पिकअप ट्रक मंदिर के अंदर घुसा दिया। ट्रक बच्चों के कक्षा वाले वाले हिस्से में पहुंच गया और वहां एक सुरक्षा गार्ड को टक्कर मार दी। उसके बाद गजाली ने एक और सुरक्षा गार्ड के साथ गोलीबारी की और अंत में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हमले के समय ट्रक में आग लग गई थी और उसमें कई पेट्रोल के डिब्बे और बड़े पटाखे रखे हुए थे।
गजाली की पत्नी ने पहले दी थी चेतावनी
हालांकि गनीमत रही कि मंदिर में मौजूद 150 बच्चों और कर्मचारियों में किसी को चोट नहीं आई। बचाव दल ने तुरंत सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दूसरी ओर 911 कॉल रिकॉर्डिंग से पता चला कि हमले से पहले गजाली की पहली पत्नी ने पुलिस को फोन करके चेतावनी दी थी। उसने कहा था कि वह बहुत परेशान है और खुदकुशी कर सकता है। उसकी मानसिक हालत इसलिए बिगड़ी थी, क्योंकि लेबनान में इस्राइल की बमबारी में उसके कई परिवार के सदस्य मारे गए थे।
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हिजबुल्ला का कमांडर था गजाली का भाई
दूसरी ओर दावा तो इस बात का भी किया जा रहा है कि गजाली का भाई इब्राहिम गजाली लेबनान में हिजबुल्ला का कमांडर था। अमेरिकी अधिकारियों ने भी बताया कि गजाली के परिवार का हिजबुल्ला से संबंध था। गौरतलब है कि हिजबुल्ला 1982 में लेबनान में बना था। इसका मुख्य मकसद शुरू में दक्षिणी लेबनान पर इस्राइल के कब्ज़े को खत्म करना था। हालांकि अब यह पूरी तरह से इस्राइल को खत्म करना चाहता है। अमेरिका ने इसे कई वर्षों से आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। हिजबुल्ला एक राजनीतिक दल भी है और इसके सदस्य लेबनान की संसद में हैं।