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दुखद: प्रख्यात वायलिन वादक प्रभाकर जोग का निधन, महाराष्ट्र में अपने आवास पर अंतिम सांस ली
Sun, 31 Oct 2021 11:01 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 31 Oct 2021 11:01 PM IST
सार
छह दशकों से अधिक समय तक संगीतज्ञ और संगीतकार के रूप में काम करने वाले जोग ने मराठी और हिंदी फिल्म संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
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प्रभाकर जोग
- फोटो : साेशल मीडिया
विस्तार
प्रख्यात वायलिन वादक प्रभाकर जोग का रविवार को निधन हो गया। वह उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। 89 वर्षीय जोग ने महाराष्ट्र स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी। जोग ने भारत और दुबई में ‘गनारे वायलिन’ शो के तौर पर 80 से अधिक एकल कार्यक्रम पेश किया था।
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छह दशकों से अधिक समय तक संगीतज्ञ और संगीतकार के रूप में काम करने वाले जोग ने मराठी और हिंदी फिल्म संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि संगीत क्षेत्र ने एक सच्चा साधक खो दिया। 12 साल की उम्र में जोग ने संगीत कार्यक्रमों में वायलिन बजाना शुरू कर दिया था, क्योंकि पिता की अप्रत्याशित मृत्यु के बाद उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।
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उन्होंने बाद में संगीतकार सुधीर फड़के (जो बाबूजी के नाम से लोकप्रिय थे) के सहायक के रूप में काम किया। ‘गीत रामायण’ सीरीज के गीतों में जोग की वायलिन धुनें हैं। उन्होंने फड़के के साथ ‘गीत रामायण’ के करीब 500 शो किए। फिल्मों में उन्हें मराठी फिल्म ‘श्री गुरुदेवदत्त’ में वायलिन वादक के रूप में पहला काम मिला।
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