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AIADMK को मुस्लिम विरोधी कहने पर भड़के पलानीस्वामी, स्टालिन को गिनाईं अल्पसंख्यकों के लिए अपने शासन की योजनाएं

Sat, 04 Apr 2026 11:02 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वेल्लोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वेल्लोर Published by: Devesh Tripathi Updated Sat, 04 Apr 2026 11:02 AM IST
सार

पलानीसामी ने कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों और नशीले पदार्थों के प्रसार सहित डीएमके पर कई आरोप लगाए। उन्होंने भरोसा दिया, "जब अन्नाद्रमुक सत्ता में आएगी, तो तीन महीने में गांजा का सफाया कर दिया जाएगा। अन्नाद्रमुक के शासन में तमिलनाडु में जाति-आधारित जनगणना कराई जाएगी।"

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EK Palaniswami lashed out on DMK chief MK Stalin over painting AIADMK as anti Muslim on alliance with BJP
एडप्पादी के. पलानीस्वामी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने द्रमुक (डीएमके) प्रमुख और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर निशाना साधा। पलानीस्वामी ने डीएमके नेता पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि स्टालिन केवल भाजपा के साथ गठबंधन के कारण उनकी पार्टी को 'मुस्लिम-विरोधी' करार दे रहे हैं।
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पलानीस्वामी ने कहा कि द्रमुक ने अल्पसंख्यकों को धोखा देकर उनके वोटों से सत्ता हासिल की। उन्होंने तिरुनेलवेली में एक पुलिस उप-निरीक्षक का मामला बताया, जिसने मुख्यमंत्री से जान खतरे में होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा. "किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगले दिन नमाज पूरी करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। क्या इस तरह आप अल्पसंख्यकों की रक्षा करते हैं?"
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गिनाईं अपने शासन की अल्पसंख्यकों के लिए योजनाएं
अन्नाद्रमुक शासन के दौरान मुसलमानों के लिए लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं की एक श्रृंखला को सूचीबद्ध करते हुए पलानीस्वामी ने द्रमुक के ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा, "स्टालिन हमें सिर्फ इसलिए मुस्लिम-विरोधी बता रहे हैं क्योंकि हमने गठबंधन बनाया है। द्रमुक ने 1999 के लोकसभा चुनाव और 2001 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया था। क्या तब भाजपा एक अच्छी पार्टी थी?"

मुख्यमंत्री स्टालिन के इस दावे की पृष्ठभूमि में कि प्रधानमंत्री ने केवल राजग (एनडीए) का उल्लेख किया और पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तक नहीं कहा, अन्नाद्रमुक प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि अन्नाद्रमुक सरकार बनाएगी और वही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।

स्टालिन के आरोपों का चुन-चुन कर दिया जवाब
अम्बुर के पास एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अन्नाद्रमुक नेता ने स्टालिन द्वारा लगाए गए कई आरोपों को खारिज किया। विपक्षी दल के नेता ने कहा कि स्टालिन का यह कहना कि "पलानीस्वामी ने कई विफलताओं को देखा है", अहंकार को दर्शाता है और उन्हें अपने अतीत को देखना चाहिए।

पलानीस्वामी ने 2011 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय द्रमुक मुख्य विपक्षी दल का दर्जा भी हासिल नहीं कर पाई थी। उन्होंने कहा कि 2011 से 2021 तक, अन्नाद्रमुक ने कई चुनाव जीते और महत्वपूर्ण रूप से गठबंधन के बिना भी जीत हासिल की।

अन्नाद्रमुक प्रमुख ने आगे कहा, "सिर्फ विधानसभा चुनाव ही नहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में भी हमने 37 सीटें जीतीं। तब आपने एक भी सीट नहीं जीती। आपने कई उपचुनाव नहीं जीते और स्थानीय निकाय चुनाव भी नहीं जीते। सहकारी समिति चुनावों में अन्नाद्रमुक ने 98 प्रतिशत सीटें जीतीं। 10 साल (2011-21) तक सत्ता से बाहर रहने के बाद क्या द्रमुक को हमारे बारे में बात करने का अधिकार है?"


सुशासन देने में विफल रही डीएमके :पलानीस्वामी
पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि जब द्रमुक को सत्ता में आने का मौका मिला, तो वह सुशासन देने में विफल रही। उन्होंने कहा, "तब जब आप विपक्ष के नेता थे, आपने धोखे से लोगों को ठग कर सत्ता हासिल की। लेकिन आपने अपने वादे पूरे नहीं किए। किसान, सफाई कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स और सरकारी कर्मचारी सभी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आपने पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा किया था, लेकिन आपने उन्हें धोखा दिया। क्या हमें एक ऐसी सरकार चाहिए जिसने लोगों को फिर से धोखा दिया हो?"

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महिलाओं के लिए 1,000 रुपये की मासिक सहायता योजना का उल्लेख करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार को यह वादा पूरा करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा, "मैंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। अन्नाद्रमुक के दबाव के कारण ही उन्होंने इसे 28 महीने बाद दिया। उन्होंने स्वेच्छा से इसे नहीं दिया।"

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