फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED uses fridge, smart TV invoices as evidence in money laundering case against Hemant Soren

ED: 'फ्रिज, स्मार्ट टीवी...'; मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी ने इकट्ठा किए ये सबूत

Sun, 07 Apr 2024 12:48 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/रांची Published by: आदर्श शर्मा Updated Sun, 07 Apr 2024 12:48 PM IST
सार

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने फ्रिज, स्मार्ट टीवी चालन को सबूत के दौर पर इस्तेमाल किया है। संतोष मुंडा ने ईडी को यह भी बताया कि हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना ने दो से तीन बार जमीन का दौरा किया।

विज्ञापन
ED uses fridge, smart TV invoices as evidence in money laundering case against Hemant Soren
हेमंत सोरेन-ईडी - फोटो : amar ujala

विस्तार

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने फ्रिज, स्मार्ट टीवी चालन को सबूत के दौर पर इस्तेमाल किया है। ईडी का दावा है कि हेमंत सोरेन न 31 करोड़ रुपये से अधिक 8.86 एकड़ जमीन अवैध रूप से हासिल की थी। ईडी ने रांची स्थित दो डीलरों से ये रसीदें प्राप्त की हैं। पिछले महीने झामुमो नेता और चार अन्य के खिलाफ दायर अपने आरोप पत्र में संलग्न किया था। 
विज्ञापन


मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद हैं हेमंत सोरेन
ईडी के मुताबिक, दोनों गैजेट संतोष मुंडा के परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे गए थे, जिन्होंने एजेंसी को बताया था कि वह 14 वर्षों के लिए उक्त भूमि (8.86 एकड़) पर हेमंत सोरेन की संपत्ति के देखभालकर्ता के रूप में रह रहे हैं। रांची में न्यायाधीश राजीव रंजन की विशेष पीएमएलए अदालत ने चार अप्रैल को अभियोजन की शिकायत पर संज्ञान लिया। हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद 31 जनवरी को कथित भूमि हड़पने से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। वह फिलहाल रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
विज्ञापन


सोरेन ने दावा किया था कि वह जमीन उनकी नहीं
एजेंसी ने सोरेन के इस दावे का खंडन करने के लिए मुंडा के बयान का इस्तेमाल किया कि उनका उक्त भूमि से कोई संबंध नहीं है। ईडी ने जमीन के टुकड़े पर राजकुमार पाहन नाम के व्यक्ति के दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह सोरेन के लिए संपत्ति को अपने नियंत्रण में रखने का मुखौटा था। ईडी ने दावा किया कि पिछले साल अगस्त में इस मामले में सोरेन को पहला समन जारी होने के तुरंत बाद, पाहन ने रांची के उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा था कि उनके और कुछ अन्य लोगों के पास जमीन है और अन्य मालिकों के नाम पर पहले का परिवर्तन रद्द कर दिया जाए। और उन्हें उनकी संपत्ति से बेदखल होने से बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सोरेन की गिरफ्तारी से दो दिन पहले 29 जनवरी को पाहन को जमीन बहाल कर दी, ताकि झामुमो नेता की पकड़ और कब्जा निर्बाध बना रहे। ईडी ने दावा किया कि अचल संपत्ति बाद में मूल आवंटियों द्वारा कुछ व्यक्तियों को बेच दी गई थी, लेकिन सोरेन ने उन्हें बेदखल कर दिया और 2010-11 में जमीन पर नियंत्रण हासिल कर लिया। संतोष मुंडा ने ईडी को यह भी बताया कि हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना ने दो से तीन बार जमीन का दौरा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed