पूरे उत्तर भारत में आए भूकंप के झटके, पाकिस्तान में संसद छोड़कर भागे सांसद
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भूंकप के तेज झटकों ने शुक्रवार शाम को राजधानी दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत को दहला दिया। शाम 5.10 बजे झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों और कार्यालयों से दौड़कर बाहर निकल आए। बहुत देर तक खौफ का माहौल बना रहा। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर करीब 6.1 और 6.8 की तीव्रता वाले दोनों भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में रहा।
यूएसजीएस के मुताबिक, उत्तरी अफगानिस्तान के बादशाहखान राज्य में जोर्म कस्बे से करीब 51 किलोमीटर दूर हिंदुकुश के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में पहले भूकंप का केंद्र करीब 190 किलोमीटर और दूसरे का केंद्र 148 किलोमीटर की गहराई पर आंका गया है। हालांकि भारतीय राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के निदेशक (ऑपरेशंस) जेएल गौतम ने भूकंप की तीव्रता 6.3 और गहराई 190 किलोमीटर आंकी है।
गौतम के मुताबिक, भारत में भूकंप के झटके दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए हैं। उन्होंने भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना होने से इनकार किया है। उधर, काबुल में अफगान अधिकारियों का कहना है कि वे भूकंप के केंद्र के आसपास के दुर्गम इलाके की रिहाइशी बस्तियों में नुकसान के आकलन का प्रयास कर रहे हैं।
प्रभावित देश
-पाकिस्तान
-ताजिकिस्तान
-उज्बेकिस्तान
-भारत
केंद्र- तालेकन से 83 किलोमीटर दूर
समय: शाम 5:09 बजे
भूकंप आने पर क्या करें
भूकंप जैसी आपदा के समय थोड़ी सतर्कता और हिम्मत दिखाएं, कुछ सावधानियां बरतें और खुद के साथ साथ दूसरों को भी बचाएं। भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जिसे किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता। यहां तक कि वैज्ञानिक इसका पूर्वानुमान भी नहीं लगा सकते कि कब आएगा। ऐसे में भूकंप के समय बरती जाने वाली सावधानियों को हमेशा ध्यान में रखना होगा।
ये बातें ध्यान रखें: भूकंप के समय अगर आप घर के अंदर हैं तो फर्श पर बैठ जाएं। किसी मज़बूत टेबल या ऐसे किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें। अगर आसपास टेबल नहीं है तो हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें। घर के किसी कोने में चले जाएं। कांच, खिड़की, बाहरी दरवाजे और दीवार और झूमर आदि जैसी किसी भी गिरने वाली चीज से दूर रहें। अगर बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिया से सिर ढक लें।
पाकिस्तान में संसद छोड़कर भागे सांसद
पाकिस्तान में भी राजधानी इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर, रावलपिंडी और मुरी समेत समूचे उत्तरी क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां सबसे ज्यादा प्रभाव खैबर पख्तूनवा राज्य और मालाकंड डिविजन के पहाड़ी क्षेत्रों में रहा। पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता वसीम अहमद ने भूकंप की तीव्रता 6.4 और गहराई 210 किलोमीटर बताई है।
उन्होंने भी अपने यहां किसी नुकसान से इनकार किया है। डॉन समाचार पत्र ने दावा किया है कि भूकंप के दौरान पाकिस्तानी संसद का सत्र चल रहा था। झटके शुरू होते ही संसद में भगदड़ मच गई और खौफजदा सांसद दौड़कर बिल्डिंग से बाहर निकलते दिखाई दिए। यही हाल विदेश कार्यालय में भी देखने को मिला।