फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Drought crisis deepens in Maharashtra: Farmers gathering dried soybean stalks for fodder; politics over relief

महाराष्ट्र में सूखे का संकट गहराया: चारे के लिए सोयाबीन के सूखे डंठल जुटा रहे किसान, राहत पर सियासत तेज

Sun, 27 Sep 2026 11:09 PM IST
पवन पांडेय पीटीआई, लातूर/मुंबई/जालना
पीटीआई, लातूर/मुंबई/जालना Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 27 Sep 2026 11:09 PM IST
सार

महाराष्ट्र में सूखे से किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ी हैं। लातूर में किसान सूखे सोयाबीन के डंठल चारे के लिए जुटा रहे हैं। राज्य के 358 में से 265 तालुके सूखाग्रस्त घोषित किए गए हैं। शरद पवार ने विशेष सत्र और कर्जमाफी की मांग की, जबकि आदित्य ठाकरे और कांग्रेस ने सरकार से तत्काल राहत की मांग की।

विज्ञापन
Drought crisis deepens in Maharashtra: Farmers gathering dried soybean stalks for fodder; politics over relief
सूखा प्रभावितों से मिलते सीएम फडणवीस - फोटो : PTI

विस्तार

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के बीच किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लातूर के उदगीर तहसील में बारिश की कमी के कारण सोयाबीन की फसल सूख गई है। अब कई किसान फसल से कमाई की उम्मीद छोड़कर उसके सूखे डंठल इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि उन्हें मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। किसानों के सामने हरे और सूखे दोनों तरह के चारे की कमी की समस्या खड़ी हो गई है। सीमांत किसान दिलीप राठौड़ ने कहा कि सोयाबीन की फसल से कमाई की उम्मीद बहुत कम है। ऐसे में खेत में फसल छोड़ने के बजाय वह उसके डंठल इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि कम से कम कुछ और दिनों तक मवेशियों को जिंदा रखा जा सके। किसानों का कहना है कि सरकार ने कई इलाकों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है, लेकिन प्रति हेक्टेयर मिलने वाली सहायता को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
विज्ञापन


265 तालुके सूखाग्रस्त घोषित
महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 में से 265 तालुकों यानी 74 फीसदी हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित किया था। सरकार ने राहत के तहत फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में रियायत और कृषि संबंधी बिजली बिलों पर राहत समेत कई उपायों की घोषणा की है। इसी बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने सूखे की स्थिति पर चर्चा और तत्काल राहत उपायों को मंजूरी देने के लिए महाराष्ट्र विधानमंडल का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में उन्होंने सभी प्रभावित तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करने और प्रभावित क्षेत्रों में भूमि राजस्व माफ करने की मांग की।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी की हुंकार: मुंबई पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन को मंजूरी; क्या है वजह?
विज्ञापन
विज्ञापन


पवार ने किसानों के कृषि और संबद्ध गतिविधियों से जुड़े कर्ज की पूरी माफी की मांग की। उन्होंने प्रभावित किसानों के खाते में प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये और कृषि मजदूरों को 25 हजार रुपये सीधे देने का सुझाव दिया। पशुधन के लिए भी सीधे बैंक खाते में सहायता और प्रत्येक किसान व कृषि मजदूर परिवार को 25 किलो मुफ्त खाद्यान्न देने की मांग की। उन्होंने ग्रामीण रोजगार के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत तुरंत काम शुरू करने, पीने के पानी के टैंकरों की व्यवस्था और बड़े बागवानी क्षेत्रों में सरकारी टैंकर लगाने की मांग भी की। इसके अलावा कृषि पंपों के बिजली बिल पूरी तरह माफ करने, गांवों में बिजली कटौती रोकने और सूखाग्रस्त क्षेत्रों को लोडशेडिंग से मुक्त रखने की मांग की।


आदित्य ठाकरे ने ‘ट्रिगर’ शब्द पर उठाए सवाल
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने सरकार की सूखा घोषणा में इस्तेमाल किए गए ‘ट्रिगर’ शब्द पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सूखा जमीन पर दिखाई दे रहा है और लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है। सरकार ने सूखा प्रबंधन कोड के तहत ट्रिगर-1 सक्रिय किया है। यह तब लागू होता है, जब बारिश में 25 फीसदी से अधिक कमी और 21 दिनों तक लगातार सूखा रहने जैसी स्थिति हो। ठाकरे ने दावा किया कि प्रभावित इलाकों में लोगों को पीने के पानी की समस्या है। उन्होंने राहत उपायों में देरी पर सवाल उठाते हुए छात्रों की शैक्षणिक फीस माफ करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कुओं में पानी नहीं होने पर केवल कृषि पंपों का बिजली शुल्क माफ करने से पर्याप्त राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने किसानों को बैंक से मिल रही कर्ज चुकाने की सूचनाओं और कुछ किसानों को राहत राशि नहीं मिलने का भी दावा किया।

यह भी पढ़ें- राजनीति: खरगे के शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 29 सितंबर को होगी दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक

कांग्रेस ने फडणवीस पर साधा निशाना
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सूखे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सूखाग्रस्त किसानों की समस्याएं हल नहीं कर सकते तो इस्तीफा देकर चुनाव आयोग के प्रवक्ता के तौर पर काम करें। सपकाल ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की फसल बर्बादी, कर्ज और परिवारों के आर्थिक संकट पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की समयसीमा और चारा शिविर शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को चुनाव आयोग से जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed