टीआरएस में विभाजन?: केसीआर की राष्ट्रीय पार्टी के लॉन्च में नहीं पहुंचीं बेटी कविता, सियासी अटकलें तेज
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव(KCR) ने विजयादशमी के अवसर पर अपनी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति(BRS) कर दिया है लेकिन अब उनके ही पार्टी के कुछ नेता उनसे नाराज नजर आ रहे हैं ।
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव(केसीआर) ने बुधवार को अपनी पुरानी पार्टी टीआरएस का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के रूप में लॉन्च कर दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की लॉन्चिंग तो हो गई लेकिन कुछ नेताओं में मतभेद भी खुलकर सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस भव्य कार्यक्रम में उनकी खुद की बेटी और पार्टी की वरिष्ठ नेता के कविता अनुपस्थित रहीं जिससे सियासी अटकलें तेज हो गईं। कविता न केवल हाई-प्रोफाइल इवेंट से गायब थीं, बल्कि उनका नाम आगामी मुनुगोड़े उपचुनाव के लिए टीआरएस के प्रभारी की सूची से भी गायब था। इन सब गतिविधियों से साफ लग रहा है कि केसीआर के घर में ही सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
राष्ट्रीय पार्टी बनने की दिशा में केसीआर का पहला कदम
बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बुधवार को टीआरएस का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर दिया जो 2024 के चुनावों से पहले एक राष्ट्रीय पार्टी बनने की दिशा में अपना पहला कदम है। गौरतलब है कि इस साल जून में केसीआर ने टीआरएस नेताओं के साथ एक राष्ट्रीय पार्टी बनाने के विचार पर चर्चा की थी। हालांकि तब नई पार्टी के विचार पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था। उस समय टीआरएस के सूत्रों ने यह भी कहा था कि नई पार्टी के लिए 'भारत राष्ट्रीय समिति' (बीआरएस), 'उज्ज्वल भारत पार्टी' और 'नया भारत पार्टी' जैसे कुछ नामों पर चर्चा की गई थी।