Nirmala Sitharaman: 'अपमान के बावजूद सनातन धर्म ने नहीं की हिंसा', उदयनिधि स्टालिन को सीतारमण की दो टूक
सनातन धर्म विवाद पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि एक राज्यमंत्री के रुप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बोलना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन को कुछ भी बोलने से पहले एक राज्य मंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1971 में तमिलनाडु में भगवान राम का अपमान होने के बावजूद सनातन धर्म ने इसका जवाब हिंसा के साथ नहीं दिया था।
वित्तमंत्री ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, किसी को भी यह कहने का अधिकार नहीं है कि वह किसी धर्म विशेष को खत्म कर देगा। और खासकर एक मंत्री को तो ऐसी बात कतई नहीं करनी चाहिए। मंत्री पद संभालने से पहले ली गई शपथ इस बात को एकदम स्पष्ट करती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से ऐसा बयान देना गलत है। सनातन धर्म के उन्मूलन के उदयनिधि के आह्वान को उचित नहीं कहा जा सकता।
वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं, हमने नहीं शुरु की बहस
सीतारमण ने कहा, 'बहस हमने नहीं शुरू की, आपने ही शुरू की है। हर किसी को अधिकार है और वे अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं। हालांकि, मंत्री बनने के बाद व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए। ऐसे शब्दों का प्रयोग करना गलत है,जो हिंसा भड़काते हो।'
बचपन की घटना को याद कर होता है दर्द
उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु में पली-बढ़ी हैं, जहां भगवान राम के चित्र को अपमानित कर जुलूस निकाला जाता था। अब भी, इसको लेकर पीड़ा है। अभी भी वह दर्द के साथ उस घटना को याद करती है। यह सनातन धर्म ही था, जिसने उस समय हिंसा से जरिए जवाब नहीं दिया था। यही सनातन धर्म है। हमने आंख के बदले आंख और दांत के बदले दांत जैसा कुछ नहीं किया।
द सोसाइटी ऑफ ऑडिटर्स की 90वीं वर्षगांठ समारोह में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र का दर्जा हासिल करने के लिए अगले 25 साल महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने ऑडिटरों से प्रौद्योगिकी को अपनाने और छोटी कंपनियों को बढ़ने के लिए शिक्षित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश ने पिछले 20-25 वर्षों में कई स्तरों पर प्रगति की है। विश्व बैंक की रिपोर्ट पर जोर देते हुए मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत ने पिछले दशक में बहुत कुछ हासिल किया है,जो 60 वर्षों में हासिल ना हो सका था।