{"_id":"5b6eae9b4f1c1bb37b8b788b","slug":"deoria-shelter-home-girija-tripathi-used-fear-as-a-key-to-force-minor-girls-into-the-flesh-trade","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवरिया बालिका गृह: हफ्ते के आखिर में डरने लगती थी बच्चियां, बताई आपबीती","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
देवरिया बालिका गृह: हफ्ते के आखिर में डरने लगती थी बच्चियां, बताई आपबीती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
Updated Sat, 11 Aug 2018 03:08 PM IST
विज्ञापन
Deoria Shelter Home
गिरिजा त्रिपाठी अपने पति और दो बेटियों के साथ शेल्टर होम की आड़ में देह व्यापार का धंधा चलाया करती थी। इसके लिए वह डर को बच्चियों के खिलाफ इस्तेमाल किया करती थी। शेल्टर होम में रह चुकी 15 साल की लड़की ने पुलिस और काउंसलर को बताया कि वह पूरे हफ्तेभर डरी रहती थी क्योंकि सप्ताह के अंत में उसे जबरन एक अनजान शख्स के साथ भेज दिया जाता था जो उसका यौन शोषण करता था।
विज्ञापन
डरी हुई बच्ची ने मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी बात ना मानने पर उसे यातनाएं दी जाती थीं। रोते हुए टीनेजर ने काउंसलर्स को बताया कि कैसे उसे लग्जरी कारों में अलग-अलग शख्स के पास हर हफ्ते भेजा जाता था। जो उसे देवरिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित होम पर लेने के लिए आया करता था।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारी ने बताया, 'लड़की उन लोगों को नहीं जानती जिनके पास उन्हें भेजा जाता था लेकिन उनके वाहन और उन्हें मिलने वाले सम्मान से लगता है कि वह बड़े अधिकारी हो सकते हैं।' लड़की ने आरोप लगाया कि बड़ी मैडम (गिरिजा त्रिपाठी) उसे अलग-अलग लोगों के पास भेजा करते थे जो उसका शारीरिक शोषण करते थे। उनमें से कुछ नियमित तौर पर उसे वीकेंड पर बुलाया करते थे।
विज्ञापन
लड़की ने काउंसलर्स को बताया कि वह आदमी उसे रातभर अपने पास रखता और फिर दूसरी सुबह शेल्टर होम वापस भेज देता था। उसने दावा किया कि जब कोई उसे लेने के लिए आता था तो गिरिजा उसे शेल्टर होम के पीछे के दरवाजे से भेजा करती थी। उसने बताया कि बात ना मानने पर उसे शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं। जब कोई रास्ता नहीं बचा तो उसने गिरिजा की बात माननी शुरू कर दी क्योंकि उसका मानना था कि उसकी पहुंच बड़ी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया, 'जब उसने बात माननी शुरू कर दी तो गिरिजा उसके साथ अच्छा व्यवहार करती थी।' काउंसलर्स में से एक ने बताया कि लड़कियों की आंखों में डर उस साफ समय देखा जा सकता है जब वह अवैध रूप से चलाए जा रहे शेल्टर होम में बिताए अपने भयावह दिनों के बारे में बात करती हैं। पुलिस अधिकारियों और काउंसलर्स से बात करते समय वह कांप रही थी जबकि वह वहां केवल तीन महीने रही। वह बड़ी मैडम (गिरिजा त्रिपाठी) और छोटी मैडम (गिरिजा की छोटी बेटी कंचन लता त्रिपाठी) के खिलाफ बोलते समय काफी डर रही थी। काउंसलर्स ने कहा, 'बचाई गईं लड़कियां अभी भी दहशत में हैं। उन्हें शोषण के बारे में खुलकर बताने में अभी कुछ और दिन लगेंगे।'