फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Defense: Demand to end corporatization of 41 ordnance factory, proposal for restoration of OPS passed

Defence: 41 आयुध कारखानों का निगमीकरण खत्म करने की मांग, OPS बहाली एवं 8वें वेतन आयोग के गठन का प्रस्ताव पास

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 17 Feb 2024 04:01 PM IST
विज्ञापन
सार
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लिए तत्काल प्रभाव से आठवें वेतन आयोग गठित करने की मांग का प्रस्ताव पास किया गया है। आयुध निर्माणियों के सभी कर्मचारी, केंद्र सरकार के कर्मचारी/रक्षा असैनिक कर्मचारी के रूप में बरकरार रहेंगे...
loader
Defense: Demand to end corporatization of 41 ordnance factory, proposal for restoration of OPS passed
Defence: C Srikumar - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास किए हैं। इन प्रस्तावों में आयुध कारखानों के निगमीकरण करने वाले निर्णय को वापस लेना भी शामिल है। इसके अलावा केंद्र सरकार से 'रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन' (डीआरडीओ) की स्वायत्तता बरकरार रखना, एनपीएस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करने और आठवें वेतन आयोग का गठन करने की मांग की गई है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रक्षा मंत्रालय के सभी निदेशालयों के रक्षा असैनिक कर्मचारियों की लंबित विभिन्न मांगों को अविलंब हल करने का मांग प्रस्ताव, भारत सरकार के समक्ष रखा गया है।

खमरिया (जबलपुर) में आयोजित हुई बैठक

अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 15-16 फरवरी को खमरिया जबलपुर (जबलपुर) में आयोजित की गई थी। बैठक में एआईडीईएफ के अध्यक्ष कामरेड एसएन पाठक, एआईडीईएफ के उपाध्यक्ष एवं एचएमएस के महामंत्री हरभजन सिंह सिद्धू, एआईडीईएफ के महासचिव सी. श्रीकुमार, खमरिया यूनियन के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह, महामंत्री अर्नब दास गुप्ता व आयुध निर्माणी खमरिया के मुख्य महाप्रबंधक एनएम हलधर आदि उपस्थित रहे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कई अहम प्रस्ताव पास हुए हैं। इनमें आयुध कारखानों के निगमीकरण करने वाले निर्णय को वापस लेना भी शामिल है। बतौर श्रीकुमार, सरकार का यह निर्णय एक असफल प्रयोग साबित हुआ है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की स्वायत्तता बरकरार रखने की मांग की गई है। इस संबंध में जो प्रस्ताव पास किया गया है, उसमें भारत सरकार से प्रो. विजय राघवन कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार न किए जाने एवं डीआरडीओ को तरलीकरण से बचाने की मांग की गई है।

आउटसोर्सिंग से 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का जोखिम

श्रीकुमार ने कहा, गौरवपूर्ण इतिहास वाले 220 वर्ष पुराने 41 आयुध कारखानों को कंपनी में तब्दील करने के बाद केंद्र सरकार की नजर, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) पर है। इस संगठन को भी 'निजीकरण' की राह पर धकेला जा सकता है। केंद्र सरकार की ऐसी मंशा दिखाई पड़ रही है कि आयुध कारखानों के 'निगमीकरण' और ईएमई में 'जीओसीओ' मॉडल लाने के बाद अब 'डीआरडीओ' पर नजर है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की लैब को पहले ही निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया है। हमारे देश के लोगों के पैसे से स्थापित की गई लैब की तमाम सुविधाओं का इस्तेमाल, प्राइवेट क्षेत्र करने लगा है। सरकार ने पूर्व मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी गठित की है। इस कमेटी को डीआरडीओ में अहम बदलाव करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बाबत एआईडीईएफ द्वारा डीआरडीओ की हाईपावर कमेटी (प्रो. विजया राघवन कमेटी) को सौंपे ज्ञापन में कहा था कि रक्षा क्षेत्र की तैयारियों में आउटसोर्सिंग पॉलिसी से 'राष्ट्रीय सुरक्षा' जोखिम में पड़ सकती है।

ओपीएस पर हड़ताल का निर्णय सही

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास कर सरकार से मांग की गई है कि एनपीएस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए। पुरानी पेंशन बहाली की मांग के समर्थन में जेएफआरओपीएस की बैठक एआईडीईएफ द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के निर्णय को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पूर्ण रूप से अंगीकार किया गया है। बैठक में केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लिए तत्काल प्रभाव से आठवें वेतन आयोग गठित करने की मांग का प्रस्ताव पास किया गया है। आयुध निर्माणियों के सभी कर्मचारी, केंद्र सरकार के कर्मचारी/रक्षा असैनिक कर्मचारी के रूप में बरकरार रहेंगे। वे अपनी सेवानिवृत्ति के समय तक केंद्रीय मंत्रीमंडल के निर्णय एवं एआईडीईएफ के द्वारा मद्रास उच्च न्यायालय में दायर किए गए कोर्ट केस में सरकार द्वारा कर्मियों के सेवा लाभ एवं शर्तों का हवाला दिया गया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान मुख्य श्रमायुक्त की उपस्थिति में एआईडीईएफ एवं रक्षा उत्पादन विभाग के बीच में सात आयुध निर्माणी निगमों के आईआर तंत्र में महासंघों के द्वारा नामित किए जाने वाले प्रतिनिधियों को स्वीकार किए जाने के संबंध में हुए समझौते का एमआईएल, एवीएनएल, एडब्ल्यूआईईएल एवं आईओएल के द्वारा उल्लंघन किए जाने का विरोध किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed