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Defence Secretary: 'भारत के लिए सॉफ्ट पावर के साथ ही हार्ड पावर दिखाने का भी समय आ गया है', रक्षा सचिव का बयान
Fri, 12 Sep 2025 12:43 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 12 Sep 2025 12:43 PM IST
सार
भारतीय रक्षा सचिव ने कहा, 'आज के समय में रणनीतिक सौदेबाजी के लिए आपको सॉफ्ट पावर के साथ ही हार्ड पावर भी प्रदर्शित करने की जरूरत है। सॉफ्ट पावर को हार्ड पावर से समर्थन देने की जरूरत और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।'
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Indian Army, Airforce Jobs
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स (Adobe Stock)
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विस्तार
भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि दुनियाभर में प्रतिस्पर्धा और आर्थिक संरक्षणवाद बढ़ रहा है। ऐसे में भारत को भी अपनी सॉफ्ट पावर के साथ ही हार्ड पावर को भी प्रदर्शित करने का समय आ गया है। पुणे में दक्षिणी कमान रक्षा तकनीक 2025 (स्ट्राइड 2025) कार्यक्रम में अपने संबोधन में भारत के रक्षा सचिव ने ये बात कही।
'दुनियाभर में आर्थिक संरक्षणवाद का दौर'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मध्य पूर्व और यूरोप में चल रहे संघर्षों और दुनिया भर में लोकलुभावन नीतियों का वादा करने वाले नेतृत्व के उदय से भू-राजनीति में बड़े बदलाव दिख रहे हैं। इन बदलावों ने बढ़ते वैश्वीकरण और मुक्त व्यापार की प्रवृत्ति को रोक दिया है। रक्षा सचिव ने कहा कि 'ये प्रवृत्तियां दुनिया भर में प्रतिस्पर्धी लोकलुभावनवाद और आर्थिक संरक्षणवाद को बढ़ावा दे रही हैं, जिसके साथ-साथ आर्थिक भेदभाव, बहुपक्षीय संस्थाओं का पतन और राष्ट्रवाद की बढ़ती लहर भी देखने को मिल रही है।'
सिंह ने कहा, 'आज के समय में रणनीतिक सौदेबाजी के लिए आपको सॉफ्ट पावर के साथ ही हार्ड पावर भी प्रदर्शित करने की जरूरत है। सॉफ्ट पावर को हार्ड पावर से समर्थन देने की जरूरत और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'देश के सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने की जरूरतों को पूरा करने के लिए शिक्षा जगत, डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) जैसे अनुसंधान संस्थानों, निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों को एक साथ लाने की जरूरत है।'
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ये भी पढ़ें- Nepal: डिजाइनर हैंडबैग, महंगे कपड़े और लग्जरी कारें... नेपो किड्स का आलीशान जीवन भी जेन-जी के गुस्से की वजह
किसी देश का भविष्य और उसका वैश्विक रुख उस देश की हार्ड पावर और सॉफ्ट पावर पर निर्भर करता है। जो देश सही समय पर दोनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना जानता है, वह आर्थिक और राजनीतिक रूप से ताकतवर माना जाता है।
हार्ड पावर क्या है?
हार्ड पावर वो होती है, जब कोई देश अपने राजनीतिक हितों को पाने के लिए सैन्य और आर्थिक साधनों का उपयोग करता है। यह राजनीतिक शक्ति का एक रूप है जो अक्सर आक्रामक होती है, इसमें सेना का इस्तेमाल किया जाता है। यह सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
सॉफ्ट पावर क्या है?
सॉफ्ट पावर को दूसरे देशों को आकर्षित करने और उन्हें अपने साथ जोड़ने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसमें पर्यटन, संस्कृति और विरासत जैसे अमूर्त संसाधनों पर फोकस किया जाता है और इन चीजों के माध्यम से दूसरे देशों में अपने देश की छवि को बेहतर किया जाता है।
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'दुनियाभर में आर्थिक संरक्षणवाद का दौर'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मध्य पूर्व और यूरोप में चल रहे संघर्षों और दुनिया भर में लोकलुभावन नीतियों का वादा करने वाले नेतृत्व के उदय से भू-राजनीति में बड़े बदलाव दिख रहे हैं। इन बदलावों ने बढ़ते वैश्वीकरण और मुक्त व्यापार की प्रवृत्ति को रोक दिया है। रक्षा सचिव ने कहा कि 'ये प्रवृत्तियां दुनिया भर में प्रतिस्पर्धी लोकलुभावनवाद और आर्थिक संरक्षणवाद को बढ़ावा दे रही हैं, जिसके साथ-साथ आर्थिक भेदभाव, बहुपक्षीय संस्थाओं का पतन और राष्ट्रवाद की बढ़ती लहर भी देखने को मिल रही है।'
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सिंह ने कहा, 'आज के समय में रणनीतिक सौदेबाजी के लिए आपको सॉफ्ट पावर के साथ ही हार्ड पावर भी प्रदर्शित करने की जरूरत है। सॉफ्ट पावर को हार्ड पावर से समर्थन देने की जरूरत और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'देश के सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने की जरूरतों को पूरा करने के लिए शिक्षा जगत, डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) जैसे अनुसंधान संस्थानों, निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों को एक साथ लाने की जरूरत है।'
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किसी देश का भविष्य और उसका वैश्विक रुख उस देश की हार्ड पावर और सॉफ्ट पावर पर निर्भर करता है। जो देश सही समय पर दोनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना जानता है, वह आर्थिक और राजनीतिक रूप से ताकतवर माना जाता है।
हार्ड पावर क्या है?
हार्ड पावर वो होती है, जब कोई देश अपने राजनीतिक हितों को पाने के लिए सैन्य और आर्थिक साधनों का उपयोग करता है। यह राजनीतिक शक्ति का एक रूप है जो अक्सर आक्रामक होती है, इसमें सेना का इस्तेमाल किया जाता है। यह सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
सॉफ्ट पावर क्या है?
सॉफ्ट पावर को दूसरे देशों को आकर्षित करने और उन्हें अपने साथ जोड़ने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसमें पर्यटन, संस्कृति और विरासत जैसे अमूर्त संसाधनों पर फोकस किया जाता है और इन चीजों के माध्यम से दूसरे देशों में अपने देश की छवि को बेहतर किया जाता है।