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DA: ये है 2% डीए वृद्धि का कैलकुलेटर, 50 लाख केंद्रीय कर्मियों व 69 लाख पेंशनरों की हर महीने बढ़ेगी इतनी सैलरी
सार
केंद्र सरकार द्वारा 2 फीसदी डीए बढ़ोतरी के फैसले के बाद 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों को सीधा फायदा मिलेगा। इस बढ़ोतरी से उनकी मासिक सैलरी और पेंशन में इजाफा होगा। यहां समझें कि किस बेसिक वेतन पर कितनी बढ़ोतरी होगी...
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डीए में 2% की बढ़ोतरी
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
केंद्र सरकार ने अपने 50 लाख कर्मियों और 69 लाख पेंशनरों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दरों में दो फीसदी की बढ़ोतरी की है। शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट ने डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। एक जनवरी से देय महंगाई भत्ते की दर अब 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी है। पिछली बार केंद्र सरकार ने दीवाली पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते एवं पेंशनरों की महंगाई राहत में तीन फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
'2' फीसदी डीए वृद्धि से होगा इतना फायदा ...
कर्मचारी/पेंशनरों को सता रहा था ये डर ...
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर, एक जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दरों में बढ़ोतरी होने की राह देख रहे थे। अमूमन मार्च तक इन भत्तों में वृद्धि होती रही है, लेकिन इस बार अप्रैल में दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी यह घोषणा नहीं हो सकी। केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, सरकार से सवाल करने लगे थे कि डीए/डीआर की घोषणा टलने के पीछे क्या 'पश्चिम एशिया संकट' जिम्मेदार है। सरकारी कर्मियों को यह डर सताने लगा कि कोरोनाकाल की तरह कहीं एक बार फिर डीए/डीआर फ्रीज तो नहीं हो जाएगा। 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स' ने डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा कराने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा। इतना ही नहीं, इन भत्तों को अविलंब जारी कराने के लिए गुरुवार को केंद्रीय कर्मचारी संगठन 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स' सड़कों पर उतरा।
सूचकांक रिपोर्ट दे रही थी 2 फीसदी वृद्धि का संकेत ...
केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2025 से अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद डीए/डीआर की दर 58 पर पहुंच गई। एक जनवरी 2026 से डीए/डीआर की दरों में दो फीसदी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी। वजह, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) की रिपोर्ट ने भी ऐसा ही संकेत दिया था। जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्टूबर में 147.7, नवंबर में 148.2 और दिसंबर में भी 148.2 पर संकलित हुआ था। इसके चलते महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दर 60 प्रतिशत के पार होने की संभावना जताई गई।
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घोषणा में देरी से सरकार को फायदा ...
डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा, आमतौर से होली और दीवाली पर की जाती है। हालांकि डीए/डीआर की दरों में वृद्धि हर साल एक जनवरी और एक जुलाई से किए जाने का प्रावधान है। अगर तय समय से कुछ माह बाद डीए की घोषणा होती है तो सरकारी कर्मचारियों के खाते में उतने ही माह का एरियर आ जाता है। केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन भत्तों को तय समय पर जारी न कर केंद्र सरकार, खुद लाभ कमा रही है। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के अध्यक्ष एसबी यादव ने बताया, 'डीए' की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा जानबूझकर कई माह देरी से की जाती है। इससे सरकार को फायदा होता है। चूंकि डीए/डीआर की दरों में हुई बढ़ोतरी से सरकार पर हजारों करोड़ रुपये का भार पड़ता है। ऐसे में सरकार, डीए/डीआर की घोषणा, तीन चार माह देरी से करती है। इस अवधि के दौरान सरकार का पैसा निवेश होता है, जिस पर उसे अच्छा खासा ब्याज मिलता है।
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'2' फीसदी डीए वृद्धि से होगा इतना फायदा ...
| बेसिक वेतन | 2% वृद्धि | 58% डीए | 60% होने पर |
|---|---|---|---|
| 18,000 रुपये | 360 रुपये | 10,440 रुपये | 10,800 रुपये |
| 25,000 रुपये | 500 रुपये | 14,500 रुपये | 15,000 रुपये |
| 35,000 रुपये | 700 रुपये | 20,300 रुपये | 21,000 रुपये |
| 52,000 रुपये | 1,040 रुपये | 30,160 रुपये | 31,200 रुपये |
| 70,000 रुपये | 1,400 रुपये | 40,600 रुपये | 42,000 रुपये |
| 85,500 रुपये | 1,710 रुपये | 49,590 रुपये | 51,300 रुपये |
| 1,00,000 रुपये | 2,000 रुपये | 58,000 रुपये | 60,000 रुपये |
कर्मचारी/पेंशनरों को सता रहा था ये डर ...
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर, एक जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दरों में बढ़ोतरी होने की राह देख रहे थे। अमूमन मार्च तक इन भत्तों में वृद्धि होती रही है, लेकिन इस बार अप्रैल में दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी यह घोषणा नहीं हो सकी। केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, सरकार से सवाल करने लगे थे कि डीए/डीआर की घोषणा टलने के पीछे क्या 'पश्चिम एशिया संकट' जिम्मेदार है। सरकारी कर्मियों को यह डर सताने लगा कि कोरोनाकाल की तरह कहीं एक बार फिर डीए/डीआर फ्रीज तो नहीं हो जाएगा। 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स' ने डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा कराने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा। इतना ही नहीं, इन भत्तों को अविलंब जारी कराने के लिए गुरुवार को केंद्रीय कर्मचारी संगठन 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स' सड़कों पर उतरा।
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सूचकांक रिपोर्ट दे रही थी 2 फीसदी वृद्धि का संकेत ...
केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2025 से अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद डीए/डीआर की दर 58 पर पहुंच गई। एक जनवरी 2026 से डीए/डीआर की दरों में दो फीसदी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी। वजह, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) की रिपोर्ट ने भी ऐसा ही संकेत दिया था। जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्टूबर में 147.7, नवंबर में 148.2 और दिसंबर में भी 148.2 पर संकलित हुआ था। इसके चलते महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दर 60 प्रतिशत के पार होने की संभावना जताई गई।
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घोषणा में देरी से सरकार को फायदा ...
डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा, आमतौर से होली और दीवाली पर की जाती है। हालांकि डीए/डीआर की दरों में वृद्धि हर साल एक जनवरी और एक जुलाई से किए जाने का प्रावधान है। अगर तय समय से कुछ माह बाद डीए की घोषणा होती है तो सरकारी कर्मचारियों के खाते में उतने ही माह का एरियर आ जाता है। केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन भत्तों को तय समय पर जारी न कर केंद्र सरकार, खुद लाभ कमा रही है। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के अध्यक्ष एसबी यादव ने बताया, 'डीए' की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा जानबूझकर कई माह देरी से की जाती है। इससे सरकार को फायदा होता है। चूंकि डीए/डीआर की दरों में हुई बढ़ोतरी से सरकार पर हजारों करोड़ रुपये का भार पड़ता है। ऐसे में सरकार, डीए/डीआर की घोषणा, तीन चार माह देरी से करती है। इस अवधि के दौरान सरकार का पैसा निवेश होता है, जिस पर उसे अच्छा खासा ब्याज मिलता है।
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