{"_id":"6276350cd159633b3b78032d","slug":"covid-19-rising-again-in-africa-60-of-infected-from-sub-variants-of-omicron-america-alert","type":"story","status":"publish","title_hn":"द. अफ्रीका में फिर बढ़ रहा कोरोना: 60 फीसदी संक्रमित ओमिक्रोन के सब-वैरिएंट्स का शिकार, अमेरिका हुआ अलर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
द. अफ्रीका में फिर बढ़ रहा कोरोना: 60 फीसदी संक्रमित ओमिक्रोन के सब-वैरिएंट्स का शिकार, अमेरिका हुआ अलर्ट
Sat, 07 May 2022 02:29 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 07 May 2022 02:29 PM IST
सार
अमेरिकी विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण के मामलों में ताजा बढ़ोतरी ओमिक्रोन वैरिएंट के दो सब-वैरिएंट्स के कारण हुई है। ये सब-वैरिएंट बीए.4 और बीए.5 हैं। अभी जितने लोग कोरोना पीड़ित हैं, उनमें 60 फीसदी इन्हीं दो सब-वैरिएंट्स से संक्रमित हैं।
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण अफ्रीका में फिर से कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। वहां से मिल रही जानकारियों की अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी कड़ी निगरानी कर रहे हैं। उनके मुताबिक दक्षिण अफ्रीका से इस बात के ठोस संकेत मिल सकते हैं कि एक बार संक्रमित हो चुके व्यक्ति पर कोविड-19 वायरस के अगले संक्रमण का कैसा असर होता है।
विज्ञापन
कोविड-19 वायरस का ओमिक्रोन वैरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में ही सामने आया था। ये वैरिएंट देखते-देखते सारी दुनिया में फैल गया। अमेरिका भी इससे परेशान हुआ था। दक्षिण अफ्रीका में बीते दिसंबर में ओमिक्रोन संक्रमण अपने चरम पर पहुंचा था। उसके बाद संक्रमण में गिरावट आई। लेकिन वहां अब फिर से पॉजिविटी रेट में वृद्धि देखने को मिली है। साथ ही संक्रमित लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले भी वहां बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि ये ट्रेंड और आगे बढ़ा, तो दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 महामारी की पांचवीं लहर का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सब-वैरिएंट्स के कारण हुई नए मामलों में बढ़ोतरी
अमेरिकी विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण के मामलों में ताजा बढ़ोतरी ओमिक्रोन वैरिएंट के दो सब-वैरिएंट्स के कारण हुई है। ये सब-वैरिएंट बीए.4 और बीए.5 हैं। अभी दक्षिण अफ्रीका में जितने लोग कोरोना पीड़ित हैं, उनमें 60 फीसदी इन्हीं दो सब-वैरिएंट्स से संक्रमित हैं। ये जानकारी दक्षिण अफ्रीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉम्युनिकेबल डिजीजेज ने दी है।
वैक्सीन लेने वालों में संक्रमण की संभावना कम
दक्षिण अफ्रीकी वैज्ञानिकों के मुताबिक बीए.4 और बीए.5 पिछले संक्रमण से बने एंटीबॉडीज की सुरक्षा को भेद रहे हैं। लेकिन जिन लोगों ने कोविड-19 का टीका लगवाया है, उन्हें इनका संक्रमण होने की कम संभावना देखी गई है। दक्षिण अफ्रीका के सेंटर फॉर एपिडेमिक रेस्पॉन्स इनोवेशन के निदेशक तुलियो डी ओलिविरा के मुताबिक दुनिया भर में इम्युनिटी बढ़ने के साथ ही वायरस भी अपना स्वभाव बदल रहा है। उन्होंने ट्विटर पर कहा- ‘ऐसा लगता है कि कोविड-19 अलग ढंग से विकसित हो रहा है। इसका मतलब यह है कि अब संक्रमण की नई के लिए किसी नए वैरिएंट की जरूरत नहीं होगी। हमने देखा है कि अमेरिका पूर्वी तटीय इलाकों में बीए.4, बीए.5 और बीए.2.12.1 जैसे सब वैरिएंट्स के कारण भी संक्रमण के मामले बढ़े हैं।’
व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस टास्क फोर्स की पूर्व को-ऑर्डिनेटर देबोराह बिर्क्स ने कहा है- ‘अमेरिका को कोरोना संक्रमण की एक और लहर का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। दक्षिण अफ्रीका में पहले जो हुआ, वैसा बाद में अमेरिका में हुआ। इसलिए इस बार हमें तैयार रहना चाहिए।’
बिर्क्स ने एक टीवी चर्चा में कहा- ‘देखा गया है कि नई और पुरानी लहर के बीच चार से छह महीनों का फर्क रहता है। इससे यह संकेत लिया जा सकता है कि इतने समय में लोगों की प्राकृतिक इम्युनिटी घटने लगती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब अमेरिका में तैयारी की जानी चाहिए।’
अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक देश में तकरीबन 60 फीसदी बालिग और 75 फीसदी बाल आबादी के शरीर में कोरोना से संक्रमित हो चुकने के कारण एंटीबॉडीज मौजूद है। लेकिन इसके आधार पर यह अनुमान लगाना मुश्किल बना हुआ है कि इस एंटीबॉडीज से भविष्य में कोरोना संक्रमण से कितना बचाव होगा। इसलिए विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग वैक्सीन और बूस्टर लगवाने के मामले में लगातार दी जा रही सलाह का पालन करेँ।