प्रधानमंत्री से झुंझुनू के रविकुमार की गुहार, इटली में फंसे हैं परिजन उन्हें कोरोना से बचा लें
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कोरोना वायरस ने दुनिया के कई देशों में अपने पैर पसार लिए हैं। इन देशों में से एक है इटली, जहां कई भारतीय भी फंसे हुए हैं। अपनों की वापसी की बाट जोह रहे इन लोगों में एक हैं राजस्थान के रवि कुमार, जिनके परिवार के आठ सदस्य और उनके समुदाय के करीब 40 लोग इटली के ओलांग शहर में फंसे हुए हैं। विदेशी धरती पर इन भारतीयों को अभी तक कोई मदद भी नहीं मिली है।
नरेंद्र मोदी जी, हमारे परिवार की 8 सदस्य व समाज के 40 लोग इटली के ओलांग शहर में कोरोना वायरस बीमारी के चलते फसें हुये हैं ! (जो कि पीड़ित नही हैं) तेजी से फेल रहे वायरस को ध्यान में रखते हुए,श्रीमान जी से निवेदन हैं कि उन्हें सकुशल स्वदेश लाया जाये
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8058308505@PMOIndia@AmitShah — Yogesh Meena Nawalri (@Yogesh_CONGRESS) March 13, 2020
कैसे सामने आया मामला
दरअसल, शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर हमला बोलते हुए अपने ट्वीटर हैंडल से एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा था कि 'वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से देश में हलचल का माहौल है। लेकिन क्या सरकार पर्याप्त कदम उठा रही है?'
कांग्रेस पार्टी के इस ट्वीट के नीचे योगेश मीणा नाम के एक युवक ने ट्वीट किया जिसमें परिवार आठ सदस्यों और समाज के 40 अन्य लोगों के इटली के ओलांग शहर में फंसे होने की बात कही गई है। इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक फोन नंबर भी दिया हुआ था। ठीक ऐसा ही एक ट्वीट उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृहमंत्री अमित शाह को टैग करते हुए किया है।
इन दोनों ही ट्वीट के माध्यम से इटली में फंसे परिजनों और अन्य लोगों को स्वदेश लाने की गुहार लगाई गई है। बता दें कि इटली में कोरोना वायरस ने तेजी से पैर पसारे हैं और वहां 15 हजार से ज्यादा पीड़ित हैं, जबकि मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है।
असल में यह है पूरा मामला
योगेश मीणा ने भले ही परिजनों की सुरक्षित वापसी को लेकर ट्वीट किया हो, लेकिन इटली में फंसे परिजन असल में राजस्थान के झुंझुनू की नवलगढ़ निवासी रविकुमार बागरी के हैं। अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत में रविकुमार ने अपने परिजनों की वापसी को लेकर चिंता जाहिर की।
रविकुमार नवलगढ़ में ई-मित्र संचालक का काम करते हैं। वह बताते हैं कि उनके परिजन सालों से इटली में हैं। किसी को 15 साल तो किसी को 10 या 3 साल हो गए हैं, जबकि कुछेक तो एक साल पहले ही वहां गए हैं।
रवि बताते हैं कि इटली में उनके भाई, चाचा समेत परिवार के आठ लोग हैं और उनके खटीक समाज के करीब 40 लोग रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश वहां होटलों में काम करते हैं। रवि कहते हैं इटली में कोरोना तेजी से फैल रहा है। परिजन पिछले 20 दिनों से घर में बंद हैं और हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। अभी तक उनमें से कोई वायरस से पीड़ित नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से कोई सरकारी मदद भी नहीं पहुंची है। ना ही मास्क दिए गए हैं।
वहीं लोकसभा में विदेश मंत्री के इटली सरकार से संपर्क करने के बयान के संबंध में पूछने पर रवि ने कहा कि बयान अपनी जगह है पर अभी तक कोई संपर्क नहीं किया गया है। हमारी सरकार से यही गुहार है कि इटली में फंसे भारतीयों को जल्द से जल्द वापस लाया जाए।
इटली में बेवजह घूमने पर लगाया जा रहा बड़ा जुर्माना
इटली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर वहां की सरकार ने काफी सख्त कदम उठाए हैं। वहां मौजूद रवि के परिजनों ने अमर उजाला डॉट कॉम से हुई खास बातचीत में बताया कि यहां घर से बाहर निकलने पर पाबंदी है। बेवजह घूमने पर लोगों पर 25000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।
उनका कहना था कि भारत लौटने के लिए हमसे संक्रमित नहीं होने का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। परंतु इसे बनवाने के लिए सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। यही वजह है कि हम सभी यहां फंसकर रहने को मजबूर हो गए हैं।