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कोरोना का खौफ: डीएमसीएच में संक्रमित की मौत के बाद परिजन रफूचक्कर, अस्पताल के बरामदे में दो दिन तक पड़ा रहा शव

Sun, 11 Apr 2021 02:42 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुमका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुमका Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sun, 11 Apr 2021 02:42 PM IST
सार

कोरोना को लेकर लोगों में खौफ है। संक्रमण की चपेट में आए लोगों से उनके अपने भी दूरी बनाकर रख रहे हैं। कोरोना के कारण मौत की स्थिति में मृतक का शव ले जाकर अंत्येष्टि करने वाला भी कोई अपना नहीं है। यही हाल झारखंड के दुमका में भी देखने को मिला।

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Corona infected patient died in DMCH the family fled dead body remained in hospital porch for two days
झारखंड के डीएमसीएच में दो दिन तक पड़ा रहा शव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना महामारी की शुरुआत से ही कई बार ऐसी खबरें सामने आईं कि कोविड-19 संक्रमित मरीजों के परिजन संक्रमण के डर से उन्हें अस्पताल में भर्ती करके चले जाते हैं और उनकी मौत पर शव तक लेने नहीं आते। रिश्तों को शर्मसार करने वाला ऐसा ही एक मामला झारखंड के दुमका मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (डीएमसीएच) से भी सामने आया। जानकारी के अनुसार डीएमसीएच में कोरोना संक्रमण से मौत होने के बाद एक व्यक्ति का शव दो दिनों तक वहीं पर पड़ा रहा। बताया जा रहा है कि यहां कोरोना संक्रमित मरीज को उसके परिजन लेकर आए थे, लेकिन उसकी मौत के बाद वे अस्पताल से रफूचक्कर हो लिए। 

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अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही 
इस बीच अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई। यहां के अन्य मरीजों ने बताया कि हॉस्पिटल के बरामदे में कोरोना संक्रमित मरीज का शव प्लास्टिक में पैक करके रख दिया गया और दो दिनों के बीच प्रबंधन में से किसी ने भी उसकी सुध न ली। ऐसे में दो दिनों के बाद जब मरीजों ने हंगामा किया तब शव को बरामदे से हटाकर पोस्टमार्टम गृह में रख दिया गया। कोरोना को लेकर लोगों में खौफ है। संक्रमण की चपेट में आए लोगों से उनके अपने भी दूरी बनाकर रख रहे हैं।
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कोरोना मरीज से दूरी बना रहे परिजन
हद तो यह है कि कोरोना के कारण मौत की स्थिति में मृतक का शव ले जाकर अंत्येष्टि करने वाला भी कोई अपना नहीं है। यही हाल दुमका में भी देखने को मिला। यहां कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन उसे लेकर डीएमसीएच आए थे। जब तक डॉक्टर मरीज के स्वास्थ्य की जांच करते, उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव वहीं छोड़कर धीरे से चलते बने। लोगों ने एक मरीज के काफी देर से बगैर हलचल कुर्सी पर बैठे होने की जानकारी डीएमसीएच प्रशासन को दी।
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इसके बाद उसकी जांच की गई तो पता चला कि शख्स की मौत हो चुकी है। उसकी कोरोना जांच भी कराई गई जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद शव को प्लास्टिक में पैक करके अस्पताल के बरामदे में ही रख दिया गया। दो दिनों तक शव के वहीं पड़े रहने के बाद जब मरीजों ने हंगामा किया तब उसे ले जाकर पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया गया।

शनिवार की देर शाम हुआ शव का अंतिम संस्कार
सिविल सर्जन अनंत झा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मृतक के परिजनों का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि उसकी अंत्येष्टि के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी महेश्वर महतो ने जानकारी दी कि एसओपी के तहत शव को डिस्पोज करने के लिए दो दिन पहले ही नगर परिषद को पत्र लिखा गया है।


इस मामले पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी गंगाराम ठाकुर ने कहा कि एसओपी के तहत शव को डिस्पोज करने के लिए सारी सुविधा है, लेकिन कोरोना से मृत व्यक्ति का शव छूने की बात से ही कर्मचारियों को डर लगता है। काफी समझाने-बुझाने के बाद नगर परिषद की टीम शव को डिस्पोज करने के लिए तैयार हुई और शनिवार की देर शाम शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुई।

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