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पांच महीने पहले शशि थरूर के डिनर में पड़ी थी कांग्रेस नेतृत्व को लिखे पत्र की नींव
Tue, 25 Aug 2020 09:17 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 25 Aug 2020 09:17 AM IST
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शशि थरूर (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
कांग्रेस पार्टी में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर 23 नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को लिखे पत्र की नींव पांच महीने पहले पड़ी। जब कांग्रेस के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने डिनर का आयोजन किया था। गांधी को यह पत्र सात अगस्त को भेजा गया था।
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एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डिनर में मौजूद कुछ नेताओं ने इसपर हस्ताक्षर नहीं किए थे। पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग वाले पत्र पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम, सचिन पायलट, अभिषेक मनु सिंघवी और मणि शंकर अय्यर ने हस्ताक्षर नहीं किए। सिंघवी ने डिनर में अपनी मौजूदगी को स्वीकार किया।
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उन्होंने कहा, ‘मुझे शशि थरूर ने एक दिन के नोटिस पर डिनर पर आमंत्रित किया था। पार्टी के भीतर सुधारों के रचनात्मक मुद्दे को लेकर एक अनौपचारिक चर्चा हुई। मुझे पत्र के बारे में किसी भी स्तर पर सूचित नहीं किया गया था।’ वहीं चिदंबरम ने कहा कि उन्हें पार्टी के मसलों पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
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राजस्थान में सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावती तेवर अपना रखे थे। हालांकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ बैठक के बाद वे पार्टी में वापस लौट आए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया।
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि उन्होंने पत्र पर इसलिए हस्ताक्षर नहीं किए क्योंकि किसी ने उनसे कहा नहीं। मार्च में आयोजित हुए डिनर को लेकर अय्यर ने कहा, ‘पार्टी को पुनर्जीवित करने और हमारी धर्मनिरपेक्ष साख पर वापस जाने को लेकर एक सामान्य चर्चा हुई। पत्र भेजने की आवश्यकता को लेकर एक सुझाव दिया गया जिसका किसी ने विरोध नहीं किया। हालांकि डिनर के बाद किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया।’
कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति की सोमवार को बैठक हुई। इसमें नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित विवादास्पद पत्र पर चर्चा की गई और बाद में यथास्थिति बहाल करने का फैसला लिया गया। वहीं पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले एक सांसद ने कहा कि उन्होंने इसलिए हस्ताक्षर किए क्योंकि उनका मानना है कि कांग्रेस के भीतर सुधारों की तत्काल आवश्यकता है।