कांग्रेस: अंदरूनी कलह को खत्म करने वाली बैठक ही बन गई मुसीबत, सभी ने अलापे अलग-अलग राग
कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी घमासान कम होता हुआ नहीं दिख रहा है। सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में 23 नेताओं द्वारा पार्टी में ऊपर से लेकर नीचे बदलाव को लेकर लिखी गई चिट्ठी का मामला छाया रहा। राहुल गांधी ने पहले तो पत्र लिखने के समय पर सवाल उठाए। इसके बाद उन्होंने पत्र लिखने वाले कांग्रेसी नेताओं को भाजपा से मिला हुआ बता दिया।
इसपर पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद ने अपना विरोध जताया। हालांकि कुछ देर बाद पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सफाई दी और कहा कि राहुल ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद राहुल ने कपिल सिब्बल को फोन किया। इसके बाद वरिष्ठ नेता ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया और सफाई दी। इसके अलावा सोनिया गांधी ने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की। जानें कार्यसमिति की बैठक की मुख्य बातें-
सोनिया ने की इस्तीफे की पेशकश
बैठक की शुरुआत में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुझे रिप्लेस करने की प्रक्रिया शुरू करें।
मनमोहन-एंटनी ने सोनिया से की पद पर बने रहने की अपील
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने सोनिया गांधी से अगला पार्टी अध्यक्ष चुने जाने तक पद पर बने रहने की अपील की।
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राहुल गांधी ने पत्र भेजे जाने के समय पर उठाए सवाल
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने पार्टी के सहयोगियों द्वारा पत्र के समय जिक्र करते हुए इसकी आलोचना की। राहुल गांधी ने कहा कि जब सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती थीं उस समय पत्र (पार्टी नेतृत्व पर) क्यों भेजा गया।
पत्र पर चर्चा करने की जगह सीडब्ल्यूसी बैठक न की मीडिया: राहुल गांधी
सूत्रों के अनुसार, सीडब्ल्यूसी बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि पत्र (पार्टी नेतृत्व के बारे में सोनिया गांधी) को उस समय लिखा गया था जब राजस्थान में कांग्रेस सरकार संकट का सामना कर रही थी। पत्र में जो कुछ लिखा गया है उसपर चर्चा करने का सही स्थान सीडब्ल्यूसी की बैठक थी न कि मीडिया।
राहुल पर कपिल सिब्बल ने किया पलटवार
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा (पार्टी नेतृत्व में सुधारों के लिए सोनिया गांधी को पत्र) भाजपा के साथ मिलीभगत की वजह से किया गया। इसपर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने जवाब देते हुए कहा, 'राहुल गांधी का कहना है कि हम भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैंने राजस्थान उच्च न्यायालय में कांग्रेस पार्टी का सही पक्ष रखा। भाजपा सरकार को गिराने के लिए मणिपुर में पार्टी का बचाव किया। पिछले 30 सालों में कभी भी किसी मुद्दे पर भाजपा के पक्ष में बयान नहीं दिया। फिर भी हम भाजपा से मिले हो सकते हैं।'
राहुल की बात साबित होने पर दे दूंगा इस्तीफा: गुलाम नबी
पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि यदि राहुल गांधी का भाजपा के साथ मिलीभगत वाला बयान साबित हो जाता है तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
भाजपा के साथ मिलीभगत वाले बयान पर सुरजेवाला ने दी सफाई
राहुल गांधी ने नेतृत्व में बदलाव को लेकर पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए इसे भाजपा के साथ मिलीभगत करार दिया। इसपर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, 'श्री राहुल गांधी की बात का वो मतलब नहीं था और न ही उन्होंने ऐसा कहा। कृपया झूठी मीडिया बातचीत या गलत सूचना के प्रसार से भ्रमित न हों। लेकिन हां, हम सभी को एक साथ मिलकर मोदी सरकार के खिलाफ लड़ना है न कि एक-दूसरे को चोट पहुंचाने या कांग्रेस के खिलाफ।'
सिब्बल ने वापस लिया ट्वीट
उसके बाद कपिल सिब्बल ने कहा, 'राहुल गांधी ने मुझे व्यक्तिगत रूप से सूचित किया कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं कहा है इसलिए मैं अपना ट्वीट वापस लेता हूं।'
पार्टी की कमान अपने हाथ में लें राहुल गांधी: अहमद पटेल
सूत्रों के अनुसार पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने बैठक के दौरान राहुल गांधी से कहा कि वे कांग्रेस पार्टी की कमान को अपने हाथों में लें।
राहुल ने कभी नहीं कही भाजपा से मिलीभगत की बात : गुलाम नबी आजाद
राहुल गांधी के बयान पर नाराज होकर इस्तीफा देने की बात कहने वाले गुलाम नबी आजाद ने अब सुर बदल लिए हैं। आजाद ने कहा, 'राहुल गांधी ने यह कभी नहीं कहा, न ही सीडब्ल्यूसी में और न बाहर कि यह पत्र भाजपा से मिलीभगत में लिखा गया था।'