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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कसा तंज, बोले- 'आत्मनिर्भर' संसद भवन का प्रारूप पेंटागन जैसा
Thu, 10 Dec 2020 06:00 PM IST
मुकेश कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Thu, 10 Dec 2020 06:00 PM IST
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नए संसद भवन का निर्माण
- फोटो : social media
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन का शिलान्यास किया। इस पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नए संसद भवन को 'आत्मनिर्भर' बताते हुए तंज कसा है।
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उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'अंग्रेजों का बनाया मौजूदा संसद भवन मध्य प्रदेश के मुरैना स्थित चौसठ योगिनी मंदिर जैसा दिखता है, लेकिन नए 'आत्मनिर्भर' संसद भवन का प्रारूप वॉशिंगटन डीसी स्थित पेंटागन से मिलता-जुलता है।' जयराम रमेश ने पुराने संसद भवन और नए संसद भवन की डिजाइन के साथ-साथ चौसठ योगिनी मंदिर और पेंटागन की तस्वीरें भी साझा की हैं।
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Well, the existing Parliament building built by the Brits bears a remarkable similarity to the Chausath Yogini Temple in Morena in Madhya Pradesh, while the new ‘atmanirbhar’ Parliament building bears an eerie likeness to the Pentagon in Washington DC. pic.twitter.com/Hy2u6fzlms
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) December 10, 2020
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मंदिर से काफी मिलता है संसद भवन
चौसठ योगिनी मंदिर और संसद भवन में कई समान्यताएं है। चौसठ योगिनि मंदिर 101 खंभो पर बना है जबकि संसद भवन 144 मजबूत स्तंभ पर टिका हुआ है। दोनों की संरचनाएं गोल हैं। चौसठ योगिनी मंदिर में 64 कक्ष हैं। वहीं संसद भवन में 340 कक्ष हैं। इस मंदिर के बीच में एक विशाल-सा कक्ष है जिसमें बड़ा शिव मंदिर है। संसद भवन के बीच में भी एक बड़ा-सा हॉल है।
971 करोड़ रुपये की लागत से होगा नए संसद भवन का निर्माण
संसद का नया भवन 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में होगा और इसके निर्माण पर कुल 971 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। संसद की नई इमारत भूकंप रोधी क्षमता वाली होगी और इसके निर्माण में 2000 लोग सीधे तौर पर शामिल होंगे तथा 9000 लोगों की परोक्ष भागीदारी होगी। इस भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्य बैठ सकेंगे। नए संसद भवन में 1224 सांसद एकसाथ बैठ सकेंगे। मौजूदा में समय में लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 245 सदस्य हैं।
पुराने संसद भवन का डिजाइन ब्रिटिश वास्तुविद ने बनाया था
पुराने संसद भवन के डिजाइन को बनवाने के लिए उस वक्त के मशहूर ब्रिटिश वास्तुविद एडविन लुटियन को बुलाया गया था। उन्होंने संसद का डिजाइन साल 1912-13 में बनाया था और इसका निर्माम 1921 से 1927 के बीच हुआ था। संसद के बनने के बाद इसका उद्घाटन भारत के तत्कालीन वायसराय लार्ड इरविन ने किया था। अंग्रेजों ने दिल्ली में नई प्रशासनिक राजधानी बनाने के लिए इस भवन का निर्माण किया गया था। आजादी के बाद यह भवन संसद भवन बन गया।