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Bengaluru Stampede: '11 की मौत होने के बाद भी डोसा खाने हम गए थे क्या?' शिवकुमार के आरोपों पर भाजपा का पलटवार

Sat, 07 Jun 2025 03:11 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 07 Jun 2025 03:11 PM IST
सार

बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ मामले की जांच तेज हो गई है। सीआईडी ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। सीआईडी अधिकारियों ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के कार्यालय का दौरा भी किया। इससे पहले कर्नाटक सरकार ने मामले की सीआईडी जांच के आदेश दिए थे।

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CID officials visited KSCA office BJP Slams DK Shivkumar Over Bengaluru Stampede Case
बंगलूरू में हुई भगदड़ की तस्वीर - फोटो : PTI

विस्तार

बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ मामले की जांच सीआईडी ने संभाल ली है। मामले पर जमकर राजनीति भी हो रही है। भाजपा राज्य की कांग्रेस सरकार पर लापरवाही और श्रेय लेने के लिए हड़बड़ी दिखाने का आरोप लगा रही है तो सिद्धारमैया की सरकार विपक्ष पर फिजूल की सियासत करने की बात कह रही है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा था कि विपक्ष मामले को राजनीतिक रूप दे रहा है।

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भाजपा नेता सीटी रवि ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बयान पर कहा, '11 लोगों की मृत्यु हुई, उसके बारे में सच बोलना क्या राजनीति है? 11 नागरिकों की मृत्यु होने के बाद भी डोसा खाने हम गए थे क्या? इसकी जिम्मेदारी आपकी है, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की है। आप लोगों ने राजनीतिक श्रेय लेने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। 11 लोगों की मृत्यु के पीछे आपका 'क्रेडिट वॉर' है। आपकी जिम्मेदारी बनती है।' जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा, 'सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की कर्नाटक सरकार ने लाशों के अंबार लगा दिए जिससे और लोगों को इस पर राजनीति करने का मौका मिला।'
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कर्नाटक के उप-नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक अरविंद बेलाड ने कहा, 'कर्नाटक में हुई इस बड़ी अनहोनी में आम नागरिक घायल हुए और 11 लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दो अपराधी हैं, क्योंकि वे सेल्फी लेना चाहते थे और आरसीबी खिलाड़ियों के साथ जीत का जश्न मनाना चाहते थे, इसलिए पुलिस और अधिकारियों का पूरा ध्यान उन पर था। वे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को सुरक्षा देने में व्यस्त थे, जबकि स्टेडियम में जमा भीड़ को अकेला छोड़ दिया गया। कोई पुलिस सुरक्षा नहीं थी। सभी पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा में व्यस्त थे। सिद्धारमैया को इस्तीफा दे देना चाहिए।'
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क्या है मामला?
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से आईपीएल का खिताब जीतने के बाद बंगलूरू में जश्न मनाया जा रहा था। इस दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई थी। हादसे में 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। भगदड़ के बावजूद स्टेडियम के अंदर कार्यक्रम जारी रखने को लेकर आयोजकों को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है। स्टेडियम के बाहर लाखों लोग आरसीबी के सोशल मीडिया आमंत्रण के बाद एकत्र हुए थे। इस आमंत्रण को हालांकि बाद में हटा दिया गया था। अत्यधिक भीड़ के कारण रोड शो को रद्द कर दिया गया, लेकिन  स्टेडियम के अंदर समारोह जारी रहा। विधान सौधा में सम्मान समारोह बिना किसी बड़ी गड़बड़ी के संपन्न हो गया, लेकिन चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर अराजकता फैल गई।

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