फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   China wants to reduce India influence in Indian Ocean region, say papers submitted at DGP Meet

चालबाजी: हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रभाव को कम करना चाहता है चीन, डीजीपी की बैठक में सामने आई जानकारी

Mon, 23 Jan 2023 01:03 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 23 Jan 2023 01:03 PM IST
सार

भारतीय जवानों से मुंहतोड़ जवाब मिलने के बाद भी चीन अपने हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इस बार  उसने भारत के प्रभाव को कम करने के लिए पानी की तरह पैसे बहा रहा है।

विज्ञापन
China wants to reduce India influence in Indian Ocean region, say papers submitted at DGP Meet
चीनी सेना - फोटो : ANI

विस्तार

डीजीपी और आईजीपी के हाल में संपन्न सम्मेलन में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों द्वारा पेश किए गए कागजात में चीन की चालबाजी का खुलासा हुआ है। इस कागजात में लिखा गया है कि चीन दक्षिण पूर्व और दक्षिण एशिया में विकास कार्यों के लिए ऋण के नाम पर भारी मात्रा में धन मुहैया कराकर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रभाव को कम करना चाहता है। वह पैसे के दम पर पड़ोसी देशों को भारत के खिलाफ भड़काने का काम कर रहा है। इस तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और देश के लगभग 350 शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

विज्ञापन


कागजात में अहम खुलासे
इस कागजात में बताया गया है कि चीन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI), चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC), भारत के पड़ोसी देशों में आसान ऋण, हॉट बॉर्डर और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के माध्यम से अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसमें आगे कहा गया है कि पिछले ढाई दशकों में चीन का आर्थिक और सैन्य विकास बड़े पैमाने पर हुआ है और भारत के विस्तारित पड़ोस में चीनी गतिविधियां और प्रभाव आनुपातिक रूप से बढ़ा है।
विज्ञापन


भारत का प्रभाव कम कर एशिया में मनमानी करना चाहता है चीन
कागजात में आगे कहा गया है कि चीन ने यह सब इसलिए कर रहा है  ताकि भारत को परिणामी चुनौतियों का सामना करने के लिए बाध्य और व्यस्त रखा जाए। द्विपक्षीय मुद्दों को अपनी शर्तों पर हल करने के लिए मजबूर किया जाए। भारत की विकास की कहानी को रोक दिया जाए। चीन चाहता है कि भारत के प्रभाव को कम करके वह एशिया में मनमानी करे और उसके अनैतिक लक्ष्य प्राप्त करने में कोई बाधा न आए। इसके लिए ड्रैगन पानी की तरह पैसा बहाने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पड़ोसी देश में धन निवेश कर भारत के खिलाफ साजिश रच रहा ड्रैगन
कागजात के मुताबिक चीन अपने दक्षिण एशियाई परिधि के प्रति अधिक चौकस हो गया है, वाणिज्यिक और विकास कार्यों से आगे बढ़कर अधिक दूरगामी राजनीतिक और सुरक्षा तक पहुंच गया है। इसमें कहा गया है कि चीन बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य वित्तीय सहायता के नाम पर भारत के पड़ोसी देशों मुख्य रूप से पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका में भारी मात्रा में धन का निवेश कर रहा है।


चीन को एक महत्वपूर्ण विकास भागीदार मानते हैं पड़ोसी देश
इसके अलावा कागजात में कहा गया है कि भारत के पड़ोसी देशों ने चीन को एक महत्वपूर्ण विकास भागीदार के रूप में वर्णित किया है, या तो एक फंडर के रूप में या तकनीकी और रसद सहायता प्रदान करने में। इसके अतिरिक्त, यह बांग्लादेश और श्रीलंका के लिए माल का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, और नेपाल और मालदीव के लिए दूसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed