डेपसांग और पैंगोंग न छोड़ने पर आमादा चीन कैसे मानेगा, नहीं है पीछे हटने के लिए तैयार

शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 22 Jul 2020 02:01 PM IST
विज्ञापन
लेह में सिख रेजिमेंट के साथ राजनाथ सिंह
लेह में सिख रेजिमेंट के साथ राजनाथ सिंह - फोटो : ANI (File)

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सैन्य संवाद से समाधान की उम्मीद कम
  • एक-एक इंच जमीन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है भारत

विस्तार

लद्दाख क्षेत्र में भारत-चीन सैन्य बलों के बीच जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देश लगातार रणनीतिक और सैन्य तैयारी को मजबूत करते जा रहे हैं। चीन ने भी भारतीय सैन्य तैयारियों के मद्देनजर तिब्बत में रूस से आयातित एस-400 (प्रतिरोधी मिसाइल प्रणाली) तैनात कर रखी है। सैन्य सूत्र बताते हैं कि डेपसांग में 8-10 किमी और पैंगोंग में आठ किमी अंदर तक घुस आई चीन की सेना पीछे हटकर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जाने के लिए तैयार नहीं है।
विज्ञापन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से जताई गई प्रतिबद्धता से साफ है कि चीन की चुनौती को देखते हुए भारत ने सैन्य तैयारियों में काफी इजाफा किया है। तीनों सेनाओं ने तालमेल का परिचय देते हुए चीन को संदेश देने की कोशिश की है। वहीं भारतीय सैन्य तैनाती को देखते हए चीन ने भी व्यापक सैन्य तैयारियां की हैं। भारतीय रक्षा विशेषज्ञ की मानते हैं कि यदि भारत और चीन के बीच में कोई सशस्त्र सैन्य टकराव हुआ तो इसके परिणाम भी गंभीर ही होंगे।

कितनी पीछे हटी है चीन की सेना

सैन्य सूत्र बताते हैं कि हॉटस्प्रिंग, गलवां घाटी क्षेत्र में भारतीय सेना करीब 1.8 किमी पीछे हटी है। पहले भारतीय सेना और सुरक्षा बल वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात थे। चीन के सुरक्षा बल धोखे से भारतीय क्षेत्र में आगे बढ़ आए थे।
दोनों देशों के सैन्य कमांडरों (लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और मेजर जनरल लियु लिन) के बीच बनी सहमति के आधार पर चीन के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा से केवल 400 मीटर पीछे हटे हैं। अब दोनों देशों के सुरक्षा बल इस क्षेत्र में गश्त नहीं करेंगे।
यह बफर जोन के तौर पर रहेगा। इस तरह से यहां भी बड़ा समझौता भारत ने ही किया है। यह स्थिति इस क्षेत्र में तनाव और विवाद बने रहने तक कायम रहेगी।

इसके अलावा चीन के सैनिक डेपसांग और पैंगोंग में मजबूती के साथ घुसे हैं। यह दोनों ही क्षेत्र रणनीतिक रूप से काफी महत्व के हैं। एक की जद में काराकोरम से गुजरने वाला हाईवे है तो दूसरे से पीओके से होकर चीन जाने वाला वन बेल्ट वन रोड मार्ग है। यहां से तिब्बत के पठार साफ दिखाई देते हैं। चीन इन दोनों क्षेत्रों को खाली करने के लिए किसी वार्ता के लिए भी तैयार नहीं है।

डेपसांग से पुराना है चीन का प्रेम

चीन की सेना डेपसांग में दूसरी बार बहुत मजबूती के साथ आई है। इससे पहले यूपीए-2 सरकार के दौरान घुसपैठ की कोशिश की थी। चीनी सुरक्षा बल घुसपैठ करने में सफल हो गए थे, लेकिन भारतीय कूटनीति के आगे उन्हें झुकना पड़ा था। इस बार फिर चीन के सैनिकों ने डेपसांग में न केवल घुसपैठ की, बल्कि वहां स्थाई बंकर, सैन्य संरचना तक खड़ी कर चुके हैं।

मामला गंभीर है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लेह-लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर थे। अपनी इस यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री ने खुद कहा कि उन्हें सैन्य वार्ता से समस्या के समाधान की उम्मीद है। इसके साथ ही उन्होंने भारत द्वारा अपनी एक-एक इंच जमीन की सुरक्षा की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

रक्षा मंत्री ने बाबा अमरनाथ का दर्शन करने से पहले लद्दाख में ताजा स्थिति का जायजा भी लिया। संक्षिप्त युद्धाभ्यास में भारतीय सेना के तालमेल की ताकत भी देखी। उनके साथ सीडीएस जनरल विपिन रावत, सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी थे। उन्होंने सैन्य बलों का मनोबल भी बढ़ाया।

इस बारे में एयर वाइस मार्शल (पूर्व) एनबी सिंह का कहना है कि अभी पूरी तरह से तनाव खत्म नहीं हुआ है। एक मिलिट्री डिप्लोमेसी चल रही है। इसके साथ-साथ दोनों देशों के वर्किंग मैकेनिज्म भी काम कर रहे हैं। इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच भी चर्चा हो चुकी है।

इसलिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। लेफ्टिनेंट जनरल (पूर्व) बलविंदर सिंह का भी कहना है कि भारतीय सुरक्षा बल वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान करते हैं, लेकिन चीन की सेना मानकों पर इतनी खरी नहीं है। लेफ्टिनेंट जनरल का कहना है कि चीन के सैनिक हमारे इलाके में घुस आए हैं। यदि वे बातचीत से नहीं मानेंगे तो भारत उन्हें अपनी सीमा से खदेड़ने की भी ताकत रखता है। वहीं विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस पर अभी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X