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सामाजिक ढांचे में बदलाव की भारी कीमत चुका रहे हैं बच्चे, इन कारणों से गलत चंगुल में फंसने का रहता है अंदेशा

अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 21 Nov 2020 05:39 PM IST
Delhi Police ASI Seema Dhaka
Delhi Police ASI Seema Dhaka - फोटो : ANI

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सार

76 गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलाने वाली दिल्ली पुलिस की एएसआई सीमा ढाका ने कहा- संभव हो तो मां-बाप में से एक कमाए और दूसरा करे बच्चों की देखभाल...

विस्तार

बढ़ती महंगाई के कारण घर का खर्च चलाने के लिए आजकल पति-पत्नी दोनों नौकरी करने लगे हैं। घऱ में बुजुर्गों के न होने पर मां-बाप के काम पर चले जाने के बाद पीछे बच्चे घर में अकेले छूट जाते हैं। ऐसे में इनके गलत संगत में पड़ने और गलत राह पर चले जाने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अगर संभव हो तो पति-पत्नी में से कोई एक कमाए और दूसरा बच्चों को संभाले तो बच्चों की परवरिश बेहतर हो सकती है। यह कहना है कि समयपुर बादली थाने की पुलिसकर्मी सीमा ढाका का, जिन्होंने गुम हुए 76 बच्चों को दोबारा अपने परिवार से मिलाकर एक प्रशंसनीय कार्य किया है।
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