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धोखाधड़ी : फर्जी सरकारी वेबसाइट से मतदाता पहचान पत्र बनाने का झांसा देकर 10 हजार लोगों से ठगी, दो गिरफ्तार
Thu, 23 Dec 2021 05:42 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 23 Dec 2021 05:42 AM IST
सार
सरकारी पोर्टल से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट बनाकर मतदाता पहचान पत्र बनाने के आरोप में मध्य जिले के साइबर थाना पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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वोटर आईडी कार्ड
विस्तार
सरकारी पोर्टल से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर मतदाता पहचान पत्र बनाने के झांसा देकर 3 माह में 10 हजार लोगों से ठगी की गई। मध्य जिले के साइबर थाना पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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मतदाता पहचान पत्र बनाने का देते थे झांसा, वेबसाइट बनाने वाला मुख्य आरोपी फरार
दोनों की पहचान अमरोहा, निवासी अंकित कुमार (26) और मुरादाबाद निवासी मनमोहन सिंह उर्फ टीटू (22) के रूप में हुई है। गिरोह का सरगना पंचकूला निवासी कनव कपूर फरार है। आरोपियों ने 'voteridcard.ebharatseva.in' नामक वेबसाइट बनाई थी। वेबसाइट पर मतदाता पहचान पत्र बनवाने और उसमें सुधार कराने के नाम पर 650 रुपये वसूले जाते थे।
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पीड़ित को वोटर आईडी में कराना था सुधार
पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि 10 नवंबर 2021 को रंजीत नगर थाने में एक युवक ने ठगी की शिकायत की थी। पीड़ित को वोटर आईडी में सुधार कराना था। ऑनलाइन सर्च करने पर उसे सबसे पहले एक वेबसाइट दिखी। वेबसाइट पर सुधार कराने के लिए 650 रुपये की मांग की गई थी। पीड़ित ने ऑनलाइन पेमेंट कर दी। दो अलग-अलग वेबसाइट से उसके पास ई-मेल आया। उसे बताया गया कि जल्द ही कस्टमर केयर प्रतिनिधि उससे संपर्क करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जांच करने पर उसे ठगी का पता चला। मामले की जांच साइबर पुलिस थाने को सौंपी गई।
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छानबीन में पता चला ठगी की रकम रोजर पेमेंट गेटवे के जरिये ‘टीटू साइबर कैफे’ मुरादाबाद में ट्रांसफर हुए थे। कैफे का मालिक मनमोहन सिंह उर्फ टीटू था। टीम ने मुरादाबाद में दबिश देकर मनमोहन को गिरफ्तार कर लिया। उसने अंकित कुमार की मदद से ठगी की जानकारी दी।
पुलिस ने अंकित को अमरोहा से दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में अंकित ने बताया कि गिरोह का सरगना कनव कपूर है। कनव ने सरकारी नाम से मिलती जुलती वेबसाइट बना ली। इसके बाद मनमोहन के गेटवे से रुपये मंगाकर आपस में बंट लेते थे। अंकित और मनमोहन की गिरफ्तारी की भनक लगते ही आरोपी कनव पंचकूला स्थित घर से फरार हो गया।
लाखों लोगों से ठगी की आशंका, जांच जारी
पुलिस ने मामले मेें लाखों लोगों से ठगी की आशंका जताई है। आरोपियों के खातों की जांच से पता चला है कि 3 माह के दौरान ही 10 हजार लोगों से ठगी की गई। अंकित अमरोहा के कॉलेज से डिप्लोमा पास है। नोएडा के एक कॉल सेंटर में उसकी मुलाकात कनव से हुई थी। कनव के कहने पर उसने ठगी की वारदात शुरू की। पुलिस की पूछताछ में अंकित ने खुलासा किया है कि वोटर आईकार्ड बनाने के पर ठगी जैसे कई और मॉड्यूल हैं।