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Chandrayaan-3: चंद्रमा की सरहद छूने को पूरी तरह तैयार चंद्रयान-3, आज चांद की कक्षा में पहुंचने की करेगा कोशिश

Sat, 05 Aug 2023 04:28 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 05 Aug 2023 04:28 AM IST
सार

Chandrayaan-3: इसरो ने शुक्रवार को कहा कि चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद से चंद्रमा की करीब दो-तिहाई दूरी तय कर ली है। पिछले तीन हफ्तों में इसरो का यह अंतरिक्ष यान को पृथ्वी से और दूरी की कक्षाओं में जा रहा है।

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Chandrayaan-3 spacecraft covers two-thirds of distance to Moon, Lunar Orbit Injection tomorrow
इसरो का मिशन चंद्रयान - फोटो : निर्मलकांत/अमर उजाला

विस्तार

चंद्रमा की तरफ तेजी से बढ़ता चंद्रयान-3 उसकी सरहद में पहुंचने को तैयार है। चंद्रयान-3 धरती से चांद के बीच दो-तिहाई से अधिक दूरी तय कर चुका है और शनिवार को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने की कोशिश करेगा। चंद्रयान-3 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था।

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को कहा कि चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद से चंद्रमा की करीब दो-तिहाई दूरी तय कर ली है। पिछले तीन हफ्तों में इसरो का यह अंतरिक्ष यान को पृथ्वी से और दूरी की कक्षाओं में जा रहा है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि एक अगस्त को एक अहम प्रक्रिया के तहत यान को पृथ्वी की कक्षा से चंद्रमा की ओर सफलतापूर्वक भेजा गया।

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एजेंसी के बंगलुरू स्थित मुख्यालय ने शुक्रवार को बताया कि ट्रांस-लूनर इंजेक्शन के बाद चंद्रयान-3 पृथ्वी की परिक्रम से बच  गया और एक ऐसे रास्ते पर आगे बढ़ने लगा जो इसे चंद्रमा के आसपास के क्षेत्र में ले जाएगा। कल एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। यानी चंद्रयान-3 उस कक्षा में पहुंच जाएगा जहां से चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण शुरू हो जाता है। वैज्ञानिकों की चंद्रयान-3 के चांद की कक्षा में पहुंचने की प्रक्रिया सफल रहने की पूरी उम्मीद है।
 

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इसरो ने कहा कि लूनर ऑर्बिट इंजेक्शन (एलओआई) पांच अगस्त को शाम करीब सात बजे के लिए तैयार है। यह प्रक्रिया तब पूरी की जाएगी जब चंद्रयान-3 चंद्रमा के सबसे नजदीक स्थित होगा। 

37,200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
चंद्रयान अभी करीब 37,200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चांद की ओर बढ़ रहा है। चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद यह उसकी सतह से लगभग 40 हजार किलोमीटर दूर रह जाएगा। अंतरिक्ष एजेंसी पूर्व में बता चुकी है कि भारत के तीसरे चंद्र मिशन की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और 23 अगस्त को चांद की सतह पर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास किया जाएगा।

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