कृषि कानूनों के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की पशुधन 'मिसाइल', किसानों को सीधे मिलेगा लाभ
खाद्यान्न उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य अब पशुधन के मामले में भी करने जा रहा नई पहल, नई नस्लों के विकास पर रहेगा विशेष ध्यान...
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खाद्यान्न उत्पादन के मामले में पंजाब पहले ही देश के अग्रणी राज्यों में है। अब पशुधन के मामले में भी राज्य विशेष प्रगति करने की योजना बना रहा है। पंजाब सरकार राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में पशुधन के जींंस के विकास के लिए विशेष वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र खोलने की योजना बना रहा है। इसके अंतर्गत गाय-भैंसों के साथ-साथ अन्य पशुधन के जींस विकास का काम किया जाएगा। माना जा रहा है कि अगर पंजाब सरकार की योजना सफल रहती है तो इससे पूरे देश को उन्नत किस्म का पशुधन प्राप्त हो सकेगा।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब के बेहतर वातावरण के कारण यहां विकसित होने वाले अनाजों, बीजों में वायरस का प्रकोप कम होता है। इसी क्षमता का उपयोग करते हुए पंजाब में आलू सहित अनेक फसलों के बीज उत्पादन का कार्यक्रम सफल हो सका था। अब पंजाब की इसी प्राकृतिक क्षमता का उपयोग पशुधन की उन्नत नस्लों के विकास में किए जाने की संभाावनाएं तलाशी जा रही हैं। पंजाब सरकार इसके मॉडल पर काम कर रही है।
पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में शुक्रवार को पंजाब सरकार के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि केंद्र द्वारा प्रस्तावित किसान कानूनों में बड़े बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानोें को मजबूती देने के लिए उनकी फसल का किसी भी कीमत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर बिक्री नहीं होनी चाहिए। यह व्यवस्था देना केंद्र और राज्य सरकारों का काम है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार थ्री प्वॉइंट एजेंडे पर काम कर रही है। इसमें हर हाल में न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के साथ-साथ बिना लाइसेंस के किसी भी खरीद-बिक्री को रोकना है, जिससे किसानों को किसी भी संभावित धोखाधड़ी से बचाया जा सके। इसके अलावा सरकार की कोशिश है कि किसान के उपज का हर दाना उनकी इच्छा पर मंडियों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए योजना बना रही है।