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Maharashtra: धर्मांतरण रोधी कानून से डरे पादरी, ले रहे सहमति पत्र; मुंबई में किस कानून के लागू होने से हड़कंप?
Wed, 26 Aug 2026 09:46 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 26 Aug 2026 09:46 AM IST
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महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू होने के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र के पादरी डर गए हैं। वे चर्च और प्रार्थना सभा में आने वाले लोगों से सहमति पत्र ले रहे हैं। ताकि जब कभी जांच हो तो पादरी खुद का बचाव कर सकें और यह बता सकें कि किसी दबाव में नहीं बल्कि गैर ईसाई लोग स्वेच्छा से प्रार्थना सभा में शामिल हो रहे हैं।
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सहमति पत्र लेने की प्रक्रिया दो-तीन महीने से जारी
मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई के एक पादरी सैम मथाई का कहना है कि चर्च आने वाले लोगों से सहमति पत्र लेने की प्रक्रिया दो-तीन महीने से जारी है। वे यह सहमति पत्र खुद के बचाव के लिए मांग रहे हैं जिसे चर्च के कार्यालयों में रखा जा रहा है।
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गिरिजा घरों पर हमलों की 11 घटनाएं
सरकार या पुलिस के अधिकारियों द्वारा जब कभी मांगा जाएगा तो उन्हें दिखाया जा सकेगा। पादरी मथाई का दावा है कि पिछले छह महीने में मुंबई महानगर क्षेत्र विशेषकर मुंबई से सटे वसई-विरार, पालघर, नालासोपारा और भाईंदर में स्थित गिरिजा घरों पर हमलों की 11 घटनाएं हुई है।
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मुंबई महानगर क्षेत्र में करीब 4000 से अधिक चर्च
कुछ दक्षिणपंथी संगठन के लोग बिना किसी सूचना के चर्चों में घुस आते हैं और लोगों के साथ अभद्रता करते हैं। इसलिए पादरियों और समुदाय के लोगों ने मिलकर इसका समाधान निकाला है। मुंबई महानगर क्षेत्र में करीब 4000 से अधिक चर्च है। इनमें से अधिकांश गिरजाघरों में जन्म से गैर ईसाई लोगों से सहमति पत्र लिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई हैं।