फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Brahmaputra Basin Hydropower: Government Approves 6.42 Lakh Crore Rupees Mega Plan to Generate 65 GW by 2035

ब्रह्मपुत्र बेसिन जलविद्युत: सरकार की 6.42 लाख करोड़ की मेगा योजना को मंजूरी; 2035 तक 65 गीगावाट बिजली लक्ष्य

Mon, 13 Oct 2025 11:57 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 13 Oct 2025 11:57 PM IST
सार

Brahmaputra Hydropower: भारत सरकार ने ब्रह्मपुत्र बेसिन से 65 गीगावाट जलविद्युत उत्पादन क्षमता के दोहन के लिए 6.42 लाख करोड़ रुपये की विस्तृत योजना पेश की है। यह परियोजना 2035 तक भारत की ऊर्जा सुरक्षा और बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगी।

विज्ञापन
Brahmaputra Basin Hydropower: Government Approves 6.42 Lakh Crore Rupees Mega Plan to Generate 65 GW by 2035
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI Photos

विस्तार

भारत सरकार ने देश की बढ़ती बिजली मांग और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ब्रह्मपुत्र बेसिन से 65 गीगावाट (GW) जलविद्युत उत्पादन क्षमता के दोहन के लिए 6.42 लाख करोड़ रुपये की मेगा योजना पेश की है। यह योजना केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए ब्रह्मपुत्र बेसिन में जलविद्युत संयंत्रों से बिजली निकासी के लिए मास्टर प्लान पर आधारित है।

विज्ञापन


2035 तक बनेगी 10,000 सर्किट किमी पारेषण लाइन
सीईए की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2035 तक ब्रह्मपुत्र के 12 उप-बेसिनों से बिजली निकासी के लिए लगभग 10,000 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइन, 30 गीगावोल्ट-एम्पीयर परिवर्तन क्षमता और 12 गीगावाट एचवीडीसी प्रणाली की जरूरत होगी।
विज्ञापन


इसके बाद 2035 के बाद अतिरिक्त 21,475 सीकेएम पारेषण लाइन (जिसमें 15,000 सीकेएम एचवीडीसी कॉरिडोर शामिल हैं) और 68,175 मेगावोल्ट-एम्पीयर की क्षमता जोड़ने की योजना है। इस हिस्से की अनुमानित लागत 4.51 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Gaza Peace: 'रणनीतिक संयम बरता या चूक गए अवसर?' गाजा शांति सम्मेलन में भारत की मौजूदगी पर थरूर ने उठाए सवाल

जलविद्युत से टिकाऊ और किफायती ऊर्जा का विकास
बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टिकाऊ, किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा स्रोतों का विकास बेहद जरूरी है।

अग्रवाल ने कहा कि जलविद्युत न केवल नवीकरणीय बिजली का प्रमुख स्रोत है, बल्कि यह एक अत्यधिक लचीला संसाधन भी है, जो पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद करता है।


ये भी पढ़ें:- Gaza Peace: पीएम मोदी ने इस्राइली बंधकों की रिहाई को लेकर ट्रंप के प्रयासों की तारीफ की,नेतन्याहू को लेकर कही ये बात

पंप भंडारण संयंत्रों से जुड़ेगा ब्रह्मपुत्र बेसिन
सीईए के चेयरमैन घनश्याम प्रसाद ने बताया कि ब्रह्मपुत्र बेसिन में उपलब्ध विशाल जलविद्युत क्षमता को देखते हुए एक समग्र पारेषण प्रणाली मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस योजना में 11,130 मेगावाट क्षमता वाले पंप भंडारण संयंत्रों (PSP) को अंतर-राज्यीय और राज्यीय पारेषण प्रणालियों से जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल है। इससे ऊर्जा उत्पादन और वितरण में बेहतर तालमेल बनेगा।

प्रसाद ने कहा कि यह मास्टर प्लान जलविद्युत परियोजनाओं के डेवलपर्स को बिजली निकासी के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करेगा। पारेषण से जुड़ी परियोजनाओं को तकनीकी जरूरतों और नोडल एजेंसियों के आवेदन के आधार पर लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed