Gaza Peace: पीएम मोदी ने बंधकों की रिहाई को लेकर ट्रंप के प्रयासों की तारीफ की,नेतन्याहू को लेकर कही ये बात
दो साल बाद हमास के चंगुल से 20 इस्राइली बंधकों की रिहाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई। पीएम मोदी ने इसे राष्ट्रपति ट्रंप की शांति कोशिशों और पीएम नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि बंधकों की आजादी उनके परिवारों के साहस और क्षेत्र में शांति की उम्मीद का प्रतीक है।
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सात अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के साथ शुरू हुआ संघर्ष दो साल के बाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। समझौते के बाद हमास ने सोमवार को जिंदा बचे 20 इस्लाइली बंधकों को छोड़ दिया, जिसके बाद से इस्राइल भर खुशी की लहर दौड़ उठी, खासकर ऐसे परिवार में जो कि अपने लोग की वापसी के इंतजार में बैठे थे। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्राइली बंधकों की रिहाई पर खुशी जताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रशंसा की है।
पीएम मोदी ने दो साल से अधिक समय तक बंदी बनाए गए बंधकों को रिहा किए जाने को ट्रंप के शांति प्रयासों और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का परिणाम बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि हम दो साल से ज्यादा समय तक बंधक बनाए गए सभी बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हैं। उनकी आजादी उनके परिवारों के साहस, राष्ट्रपति ट्रंप के अटूट शांति प्रयासों और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। हम क्षेत्र में शांति लाने के राष्ट्रपति ट्रंप के ईमानदार प्रयासों का समर्थन करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति अरब और इस्लामी देशों की तारीफ की
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा में शांति योजना के लिए अरब और इस्लामी देशों की तारीफ की और कहा कि उन्होंने एकजुट होकर हमास पर दबाव डाला और बंधकों को रिहा करने में मदद की। उन्होंने कहा, हमें बहुत मदद मिली। ऐसे कई लोग हैं, जिनके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा और मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
उन्होंने कहा, यह इस्राइल और पूरी दुनिया के लिए एक अद्भुत कामयाबी है कि इन देशों ने शांति के साझेदार के रूप में मिलकर काम किया। उन्होंने आगे कहा, अब आने वाली पीढ़ियां इस क्षण को ऐसे याद रखेंगी, जब सब कुछ बदलना शुरू हो गया और बहुत ज्यादा बदलाव बेहतरी के लिए हुआ। यह केवल एक जंग का अंत नहीं है। यह इस्राइल और उसके सभी देशों के लिए महान सद्भाव और स्थायी सद्भाव की शुरुआत है।
ट्रंप के भाषण के दौरान एक सदस्य ने किया हंगामा
ट्रंप के भाषण के दौरान नेसेट के एक सदस्य अयमैन ओदेह ने बाधा डाली और फलस्तीन को मान्यता देने की मांग की। ओदेह ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, संसद में दिखावा असहनीय है। एक समूह ने नेतन्याहू का महिमामंडन किया गया, जो पहले कभी नहीं देखा गया था। इससे नेतन्याहू और उनकी सरकार गाजा में हुए मानवता के खिलाफ अपराधों और सैकड़ों हजारों फलस्तीनियों और हजारों इस्राइली लोगों की जान का जिम्मेदार होने से बच नहीं सकते।