भारत दौरा: ब्रिटिश पीएम के सामने उठा नीरव, माल्या और खालिस्तानी चरमपंथियों का मुद्दा, जानिए जॉनसन ने क्या जवाब दिया
बोरिस जॉनसन ने कहा कि हम उन लोगों का स्वागत नहीं करते हैं जो भारत में कानून से बचने के लिए हमारी कानूनी प्रणाली का उपयोग करना चाहते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भारत दौरे के दूसरे दिन ब्रिटेन में रह रहे वांछित लोगों पर अपना रुख साफ किया। नीरव मोदी, विजय माल्या और खालिस्तानी चरमपंथियों के संबंध में एक सवाल के जवाब में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि हम चरमपंथी समूहों द्वारा दूसरे देशों को धमकी देने, भारत को धमकी देने को बर्दाश्त नहीं करते हैं। हमने एक चरमपंथी विरोधी कार्यबल का गठन किया है।
प्रत्यर्पण के मामलों में कानूनी जटिलताएं
उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण के मामलों में कानूनी प्रक्रियाएं हैं जिसने इसे बहुत मुश्किल बना दिया है। यूके सरकार ने उनके प्रत्यर्पण का आदेश दिया है। हम उन लोगों का स्वागत नहीं करते हैं जो भारत में कानून से बचने के लिए हमारी कानूनी प्रणाली का उपयोग करना चाहते हैं।
#WATCH| On being asked about Nirav Modi, Vijay Mallya &Khalistani extremists,British PM Boris Johnson said,"We've set up an anti-extremist task force to help India...UK govt ordered extradition...We don’t welcome people who want to use our legal system to evade the law in India." pic.twitter.com/rK3nV9xRG2
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 22, 2022
पुतिन यूक्रेन के लोगों के जज्बे पर जीत हासिल नहीं कर पाएंगे
वहीं यूक्रेन के मसले पर भी जॉनसन ने खुलकर अपनी बात कही। पश्चिमी खुफिया अधिकारियों के आकलन पर कि यूक्रेन युद्ध अगले साल के अंत तक चल सकता है और रूस जीत सकता है, जॉनसन ने कहा कि यह एक यथार्थवादी संभावना है। पुतिन के पास एक विशाल सेना है, उनके पास अब एकमात्र विकल्प तोपखाने के नेतृत्व में अपने ताकत का करना जारी रखना है। पुतिन यूक्रेन के लोगों के जज्बे पर जीत हासिल नहीं कर पाएंगे।
भारत और ब्रिटेन का साथ मिलकर काम करना जरूरी
जॉनसन ने कहा कि जिस तरह से सिर्फ यूक्रेन में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में स्थिति बन रही है, वो ब्रिटेन और भारत को और अधिक मिलकर काम करने के लिए बाध्य कर रही है। रूस को लेकर भारत की स्थिति सर्वविदित है। यह बदलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अगले सप्ताह यूक्रेन के कीव में अपना दूतावास फिर से खोलेगा। ब्रिटेन और हमारे सहयोगी निष्क्रिय होकर नहीं देखेंगे क्योंकि पुतिन इस हमले को अंजाम दे रहे हैं।
इसके साथ ही जॉनसन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैंने अपने वार्ताकारों से दिवाली तक मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता को पूरा करने के लिए कहा है।
दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा साझेदारी पर समझौता किया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की भारत यात्रा के बीच दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा साझेदारी और वैश्विक नवाचार भागीदारी पर दो समझौता ज्ञापन (एमओयू) सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग और ब्रिटेन के व्यापार, ऊर्जा और औद्योगिक रणनीति विभाग के बीच ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप पर सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
पीएम मोदी और पीएम जॉनसन ने भारत-यूके असैन्य परमाणु सहयोग को मजबूत करने की अपनी इच्छा की पुष्टि की और परमाणु ऊर्जा अध्ययन, रेडियोधर्मी पर अनुसंधान और प्रशिक्षण को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप (जीसीएनईपी) का स्वागत किया।