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भीमा कोरेगांव हिंसा: एक्टिविस्ट आनंद तेलतुंबडे के मामले की सुनवाई 22 फरवरी तक टली
Mon, 11 Feb 2019 06:36 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Nilesh Kumar
Updated Mon, 11 Feb 2019 06:36 PM IST
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आनंद तेलतुंबड़े
महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी दलित स्कॉलर व एक्टिविस्ट आनंद तेलतुंबडे के मामले की सुनवाई 22 फरवरी तक के लिए टाल दी गई है। सोमवार को बंबई हाई कोर्ट ने कहा कि आनंद की गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें एक लाख के बांड पर छोड़ दिया जाना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच और पूछताछ के लिए आनंद को 14 और 18 फरवरी को पुणे पुलिस के सामने हाजिर होना होगा।
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Bombay High Court says, "In case Anand Teltumbde is arrested by Pune Police, he should be released on the bond of Rs 1 lakh with one or more surety." Also, he has to appear before Pune Police on 14&18 Feb for investigation. https://t.co/9UQ9JIcgjz
— ANI (@ANI) February 11, 2019विज्ञापन
मालूम हो कि एक फरवरी को पुणे पुलिस ने आनंद को गिरफ्तार किया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा-कोरेगांव में आयोजित यलगार परिषद मामले में आरोपी आनंद तेलतुंबड़े को 12 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत दी थी। वहीं, दलित विचारक तेलतुंबड़े ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा था कि पुलिस ने उन्हें अपमानित और प्रताड़ित करने के इरादे से आरोपी बनाया गया है।
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दरअसल, तेलतुंबड़े के वकील मिहिर देसाई ने विशिष्ट मामलों में यूएपीए के तहत अग्रिम जमानत के लिए मौजूद कानून के बारे में बताया। इस पर पाई ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें हलफनामा दायर करने के लिए और समय दिया जाए। तेलतुंबड़े को 12 फरवरी तक गिरफ्तार नहीं किए जाने के पाई के आश्वासन के बाद न्यायमूर्ति सांबरे ने उन्हें हलफनामा दायर करने के लिए नौ फरवरी तक का समय दिया।
बता दें कि तेलतुंबड़े पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। उन्हें पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था लेकिन अदालत के आदेश के एक दिन बाद शनिवार (दो फरवरी) को उन्हें रिहा कर दिया गया था। सोमवार को उन्होंने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी।