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Karnataka: 'पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं', जेडीएस नेता के कथित अश्लील टेप विवाद से भाजपा ने बनाई दूरी
Sun, 28 Apr 2024 03:25 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: श्वेता महतो
Updated Sun, 28 Apr 2024 03:25 PM IST
सार
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने इस मामले अपनी गठबंधन पार्टी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं करने का फैसला किया है, क्योंकि यह मामला हासन के सांसद पर लगे आरोपों से जुड़ा है।
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प्रज्ज्वल रेवन्ना
- फोटो : Instagram/iprajwalrevanna
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विस्तार
भाजपा ने रविवार को हासन के सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना से जुड़े अश्लील टेप विवाद से दूरी बना ली है। कर्नाटक में भाजपा और जेडीएस गठबंधन में लोकसभा चुनाव लड़ रही है। बता दें कि हासन क्षेत्र से रेवन्ना कांग्रेस के उम्मीदवार श्रेयस पटेल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
भाजपा ने अश्लील टेप से जुड़े विवाद से दूरी बनाई
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने प्रज्ज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी फैसला किया है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एस प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "हमारा, एक पार्टी के तौर पर इस वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है। न ही हमने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा विशेष जांच दल गठित करने के फैसले पर कोई टिप्पणी की है।" भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता नरेंद्र रंगरप्पा से जब इन अश्लील वीडियो पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने इस मामले में अपनी गठबंधन पार्टी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं करने का फैसला किया है। भाजपा के एक नेता ने कहा, "पार्टी का इन कथित अश्लील टेपों से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने इस मामले से दूरी बनाकर रखने का फैसला किया है, क्योंकि यह मामला हासन के सांसद पर लगे कथित आरोपों के तौर पर सामने आया है।"
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जेडीएस नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
कर्नाटक सरकार द्वारा प्रज्ज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित करने के फैसले पर एचडी देवगौड़ा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "मैं विशेष जांच दल के गठन के फैसले पर राज्य सरकार को दोषी नहीं ठहराउंगा। हम देखेंगे और तय करेंगे कि प्रज्ज्वल रेवन्ना के मुद्दे पर क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि मैं एसआईटी जांच का स्वागत करता हूं।" बता दें कि रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने इस मामले में कहा, "चाहे मैं हूं या एचडी देवगौड़ा, हम हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हैं। जब भी महिलाएं शिकायत लेकर आईं, हमने उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। सीएम पहले ही एसआईटी जांच के आदेश दे चुके हैं। इस मामले में एसआईटी जांच शुरू हो चुकी है।" इस विवाद से दूरी बनाते हुए कुमारस्वामी ने कहा, "अगर वह (रेवन्ना) दूसरे देश चला गया है तो सरकार उसे वापस लाएगी। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
सिद्धारमैया ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाने का फैसला किया
इससे पहले शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा, "प्रज्ज्वल रेवन्ना के अश्लील वीडियो मामले में सरकार ने विशेष जांच दल बनाने का फैसला किया है। हासन जिले में एक अश्लील वीडियो भी प्रसारित हो रहा है, जिसमें महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न किया गया है।" 25 अक्तूबर को महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. नागलक्ष्मी चौधरी ने सरकार को एसआईटी जांच कराने के लिए चिट्ठी लिखी थी।
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भाजपा ने अश्लील टेप से जुड़े विवाद से दूरी बनाई
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने प्रज्ज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी फैसला किया है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एस प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "हमारा, एक पार्टी के तौर पर इस वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है। न ही हमने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा विशेष जांच दल गठित करने के फैसले पर कोई टिप्पणी की है।" भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता नरेंद्र रंगरप्पा से जब इन अश्लील वीडियो पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने इस मामले में अपनी गठबंधन पार्टी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं करने का फैसला किया है। भाजपा के एक नेता ने कहा, "पार्टी का इन कथित अश्लील टेपों से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने इस मामले से दूरी बनाकर रखने का फैसला किया है, क्योंकि यह मामला हासन के सांसद पर लगे कथित आरोपों के तौर पर सामने आया है।"
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जेडीएस नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
कर्नाटक सरकार द्वारा प्रज्ज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित करने के फैसले पर एचडी देवगौड़ा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "मैं विशेष जांच दल के गठन के फैसले पर राज्य सरकार को दोषी नहीं ठहराउंगा। हम देखेंगे और तय करेंगे कि प्रज्ज्वल रेवन्ना के मुद्दे पर क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि मैं एसआईटी जांच का स्वागत करता हूं।" बता दें कि रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने इस मामले में कहा, "चाहे मैं हूं या एचडी देवगौड़ा, हम हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हैं। जब भी महिलाएं शिकायत लेकर आईं, हमने उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। सीएम पहले ही एसआईटी जांच के आदेश दे चुके हैं। इस मामले में एसआईटी जांच शुरू हो चुकी है।" इस विवाद से दूरी बनाते हुए कुमारस्वामी ने कहा, "अगर वह (रेवन्ना) दूसरे देश चला गया है तो सरकार उसे वापस लाएगी। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
सिद्धारमैया ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाने का फैसला किया
इससे पहले शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा, "प्रज्ज्वल रेवन्ना के अश्लील वीडियो मामले में सरकार ने विशेष जांच दल बनाने का फैसला किया है। हासन जिले में एक अश्लील वीडियो भी प्रसारित हो रहा है, जिसमें महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न किया गया है।" 25 अक्तूबर को महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. नागलक्ष्मी चौधरी ने सरकार को एसआईटी जांच कराने के लिए चिट्ठी लिखी थी।