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Politics: बीजद ने दिया विपक्ष का साथ, वाईएसआरसीपी का नहीं बदला रुख...सरकार के साथ दिखाई हमदर्दी
Thu, 04 Jul 2024 05:12 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Thu, 04 Jul 2024 05:12 AM IST
सार
संसद में सत्र के दौरान बीजद ने विरोधी रुख अपनाया और सत्ता पक्ष का विरोध कर रहे विपक्ष के साथ वॉकअउट भी किया।
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ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में संसद के अंदर क्षेत्रीय पार्टियों ने यूं रुख बदला। किसी संगठन में शामिल नहीं रहने वाली मगर एन मौकों पर अब से पहले राजग का समर्थन करने वाली बीजद ने इस बार पूरी तरह विरोधी रुख अपनाया और सत्ता पक्ष का विरोध कर रहे विपक्ष के साथ वॉकअउट भी किया। वहीं वाईएसआर कांग्रेस ने विपक्ष के प्रदर्शनों से दूरी बनाए रखी और केंद्र के प्रति हमदर्दी दिखाई।
दोनों ही पार्टियों को हाल में हुए लोकसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। साथ ही अपने-अपने राज्यों में भी दोनों ने सत्ता खो दी। दोनों ने केंद्र में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान संसद में प्रमुख विधायी मामलों पर सत्तारूढ़ भाजपा का समर्थन किया था। आंध्र प्रदेश की वाईएसआरसीपी और ओडिशा की बीजद की राज्यसभा में अच्छी उपस्थिति बनी हुई है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास बहुमत नहीं है। उच्च सदन में उनका रुख सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है। बीजद के 245 सदस्य उच्च सदन में नौ सदस्य हैं। वहीं वाईएसआरसीपी के 11 सांसद हैं। लोकसभा में बीजद का एक भी सांसद नहीं है, जबकि वाईएसआरसीपी के पास चार सदस्य हैं।
राज्यसभा में दोनों दल हैं असरदार
आंध्र प्रदेश की वाईएसआरसीपी और ओडिशा की बीजद की राज्यसभा में अच्छी उपस्थिति है, जहां राजग के पास बहुमत नहीं है। कई मुद्दों पर उनका रुख सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है। राज्यसभा में बुधवार को पीएम मोदी के भाषण के दौरान सस्मित पात्रा के नेतृत्व में बीजद सदस्यों ने वॉकआउट में कांग्रेस का साथ दिया। पात्रा ने कहा कि न तो राष्ट्रपति के अभिभाषण और न ही मोदी के जवाब में ओडिशा के लिए विशेष श्रेणी के दर्जे की उनकी पार्टी की मांग का कोई उल्लेख था। राज्यसभा में वाईएसआरसीपी के नेता वी विजयसाई रेड्डी ने मंगलवार को मोदी के भाषण के दौरान लोकसभा में विरोध प्रदर्शन करने के विपक्ष के फैसले की निंदा की।
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दोनों ही पार्टियों को हाल में हुए लोकसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। साथ ही अपने-अपने राज्यों में भी दोनों ने सत्ता खो दी। दोनों ने केंद्र में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान संसद में प्रमुख विधायी मामलों पर सत्तारूढ़ भाजपा का समर्थन किया था। आंध्र प्रदेश की वाईएसआरसीपी और ओडिशा की बीजद की राज्यसभा में अच्छी उपस्थिति बनी हुई है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास बहुमत नहीं है। उच्च सदन में उनका रुख सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है। बीजद के 245 सदस्य उच्च सदन में नौ सदस्य हैं। वहीं वाईएसआरसीपी के 11 सांसद हैं। लोकसभा में बीजद का एक भी सांसद नहीं है, जबकि वाईएसआरसीपी के पास चार सदस्य हैं।
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राज्यसभा में दोनों दल हैं असरदार
आंध्र प्रदेश की वाईएसआरसीपी और ओडिशा की बीजद की राज्यसभा में अच्छी उपस्थिति है, जहां राजग के पास बहुमत नहीं है। कई मुद्दों पर उनका रुख सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है। राज्यसभा में बुधवार को पीएम मोदी के भाषण के दौरान सस्मित पात्रा के नेतृत्व में बीजद सदस्यों ने वॉकआउट में कांग्रेस का साथ दिया। पात्रा ने कहा कि न तो राष्ट्रपति के अभिभाषण और न ही मोदी के जवाब में ओडिशा के लिए विशेष श्रेणी के दर्जे की उनकी पार्टी की मांग का कोई उल्लेख था। राज्यसभा में वाईएसआरसीपी के नेता वी विजयसाई रेड्डी ने मंगलवार को मोदी के भाषण के दौरान लोकसभा में विरोध प्रदर्शन करने के विपक्ष के फैसले की निंदा की।
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