फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bihar Jail Manual Anand Mohan released after change in which rule Know the difference between old new rules

Bihar Jail Manual: किस नियम में बदलाव के बाद रिहा हुआ आनंद मोहन? जानें पुराने-नए प्रावधानों में फर्क और मायने

Thu, 27 Apr 2023 07:09 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 27 Apr 2023 07:09 PM IST
सार

हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में एक जेल मैनुअल होता है, जिसके तहत अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को सुनाई गई सजा कम की जा सकती है या माफ की जा सकती है।

विज्ञापन
Bihar Jail Manual Anand Mohan released after change in which rule Know the difference between old new rules
आनंद मोहन - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

बिहार के बाहुबली राजनेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन जेल से रिहा हो गया। उन्हें गोपाललगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उनकी रिहाई पर राज्य और देशभर में सियासत तेज हो गई है। कुछ राजनीतिक दल इस फैसले को सही ठहरा रहे हैं तो कुछ गलत। आइए जानते हैं कि आनंद मोहन की रिहाई कैसे संभव हो पाई। राज्य सरकार ने किस नियम में बदलाव करने के बाद उन्हें रिहा किया है और इसमें केंद्र सरकार की अब क्या भूमिका है। 

विज्ञापन

 

कैसे जेल से रिहा हुआ बाहुबली नेता आनंद मोहन
दरअसल, क्षमा नीति के तहत बिहार सरकार किसी भी अपराधी की सजा माफ कर सकती है या उसे कम कर सकती है। हालांकि, इससे पहले काफी विचार विमर्श किया किया जाता है कि कैदी के व्यवहार में सुधार हुआ है या नहीं। इसी के तहत आनंद मोहन की सजा माफ हुई है। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में एक जेल मैनुअल होता है, जिसके तहत अदालत द्वारा दोषी को सुनाई गई सजा कम की जा सकती है या माफ की जा सकती है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

नीतीश सरकार ने किया यह बदलाव
दरअसल, राज्य सरकार ने 10 अप्रैल को बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 481 (I) (क) में बदलाव किया था। इसके बाद आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। दरअसल, बिहार सरकार कारा हस्तक से उस क्लॉज को हटा दिया था जिसमें सरकारी कर्मचारी की हत्या करने के दोषी की सजा को माफ न करने का जिक्र था। बिहार सरकार ने कारा अधिनियम 1894  की धारा 59 एवं दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (1974 का 2) की धारा 432 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया था और इसमें संशोधन किया था। 
 

विज्ञापन

आनंद मोहन की रिहाई पर मुख्य सचिव ने क्या कहा
बिहार सरकार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा, आजीवन कारावास पाए कैदियों को छूट देने के संबंध में नियम हैं। 2012 के नए जेल मैनुअल के नियम में बताया गया है कि जो लोग आजीवन कारावास पाकर जेल गए, उनको कैसे और कब रिहा किया जायेगा। नियम कहता है कि जिन कैदियों का समय 14 वर्ष जेल समेत 20 वर्ष पूरा होगा, उनकी रिहाई पर विचार किया जाएगा। इसके लिए बिहार राज्य दंडादेश परिहार परिषद कैदियों की रिहाई पर विचार करती है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव इस परिषद के अध्यक्ष हैं।

पहले क्या था नियम
पहले दुष्कर्म, दुष्कर्म के साथ हत्या, डकैती के साथ हत्या, दहेज के लिए हत्या, 14 वर्ष से कम आयु के किसी बच्चे की हत्या, अनेक हत्या, कारागार में रहते हुए हत्या, पैरोल के दौरान हत्या, आतंकवादी घटना में हत्या, तस्करी करने में हत्या या काम पर तैनात सरकारी सेवल की हत्या के दोषी की समय पूर्व रिहाई नहीं होती थी। इसमें से सरकारी सेवक की हत्या वाला क्लॉज हटाया गया है। 

कैदियों की रिहाई में केंद्र की हो सकती है भूमिका?
आनंद मोहन की रिहाई के बाद अब इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या केंद्र सरकार की भी इसमें भूमिका हो सकती है। कानून के जानकार मानते हैं कि केंद्र दोषियों की रिहाई और उनकी सजा कम करने को लेकर कोई कदम नहीं उठा सकती है, क्योंकि जेल का मैनुअल राज्य सरकार ही बनाती है और केंद्र कैदियों की रिहाई पर केवल राज्य सरकार को सलाह दे सकता है।

आनंद मोहन की रिहाई पर भाजपा नेताओं की बंटी राय
आनंद मोहन की रिहाई को लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के नेताओं की राय बंटी हुई है। कुछ नेता इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं तो कुछ समर्थन। राज्य की विधानसभा में भाजपा के नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार में गैर संवैधानिक काम हो रहा है। राज्य के  पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिलाधिकारी की हत्या के दोषी को छोड़ना सरकार दलित विरोधी चेहरा है। वहीं, पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू ने इस फैसले का स्वागत किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed