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Bhutan-India: भूटान ने स्टैंडबाय क्रेडिट सुविधा और 200 मिलियन मुद्रा स्वैप पर भारत की सराहना की, जानें सबकुछ
Wed, 05 Apr 2023 02:06 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 05 Apr 2023 02:06 PM IST
सार
भूटान के आग्रह पर भारत उससे खरीदी जाने वाली पनबिजली की ज्यादा कीमत भी देने को तैयार हो गया है। भारत जो पनबिजली खरीदता है उसकी भूटान की इकोनोमी में बहुत ही अहम भूमिका है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भूटान के राजा वांगचुक।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भूटान ने कम ब्याज दर पर कर्ज देने, स्टैंडबाय क्रेडिट सुविधा देने और 200 मिलियन अतिरिक्त मुद्रा स्वैप के समर्थन प्रदान करने के लिए भारत की सराहना की है। मुद्रा स्वैप का मतलब आपसी मुद्राओं का आदान-प्रदान करना। भूटान और भारत की तरफ से संयुक्त रूप से इसको लेकर बयान जारी किया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत पांच साल की अवधि के लिए अतिरिक्त स्टैंडबाय क्रेडिट सुविधा (एससीएफ) का विस्तार करने के भूटान के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर भी सहमत हुआ। भूटान ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत परियोजनाओं की सुचारू और निर्बाध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार (जीओआई) से धन के समय पर प्रवाह पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें भूटान को भारत की प्रतिबद्ध योजना सहायता का लगभग 90 प्रतिशत पहले ही जारी किया जा चुका है।
इसके अलावा भूटान के आग्रह पर भारत उससे खरीदी जाने वाली पनबिजली की ज्यादा कीमत भी देने को तैयार हो गया है। भारत जो पनबिजली खरीदता है उसकी भूटान की इकोनोमी में बहुत ही अहम भूमिका है। भूटान की एक और पनबिजली परियोजना से भी भारत बिजली खरीदने को तैयार हो गया है।
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भूटान को छह तरह की मदद देगा भारत
भूटान-भारत की तरफ से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, पीएम मोदी और भूटान नरेश वांगचुक के बीच हुई वार्ता में एक तरह से भारत की तरफ से इस पड़ोसी देश को दी जाने वाली मदद का रोडमैप तैयार हुआ है। इसके तहत पांच तरह की मदद भारत देगा।
1. भूटान में 13वीं पंचवर्षीय योजना लागू हो रही है, भारत इसके लिए मदद बढ़ाएगा। इस बारे में आगे विस्तार से फैसला होगा।
2. भूटान के आग्रह पर भारत ने उसे ज्यादा वित्तीय मदद देने को तैयार हो गया है। यह मदद मौजूदा वित्तीय कर्ज के स्तर के अतिरिक्त होगी।
3. भूटान के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने में भी भारत मदद करेगा। साथ ही भूटान को जरूरी उत्पादों जैसे पेट्रोलियम, उर्वरक व कोयला की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।
4. जयगांव के नजदीक दोनो देशों की सीमा पर पहला इंटग्रेटेड चेक पोस्ट बनाया जाएगा।
5. भारत-भूटान के बीच पहला रेल नेटवर्क (कोकराझार से गेलेफू तक) बनाने का काम तेज किया जाएगा।
लगातार एक दूसरे से संपर्क में भारत और भूटान
भूटान के राजा वांगचुक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आमंत्रण पर दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। सोमवार को उनकी विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात हुई थी तो मंगलवार को उन्होंने पीएम मोदी से आधिकारिक बैठक की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी उन्होंने मुलाकात की। पीएम मोदी के साथ हुई उनकी बैठक की जानकारी देने के लिए मीडिया के समक्ष आए विदेश सचिव विनय क्वात्रा से जब यह पूछा गया कि क्या डोकलाम का मुद्दा उठा था।
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर भारत और भूटान लगातार एक दूसरे से संपर्क में है और इनके बीच हर मुद्दे पर बात हुई है। जहां तक हाल ही में दिए गए कुछ बयान से संबंध का मामला है तीनपक्षीय सीमा (डोकलाम) की स्थिति के बारे में भारत का रुख पहले से स्पष्ट है और इसे बताया गया है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत पांच साल की अवधि के लिए अतिरिक्त स्टैंडबाय क्रेडिट सुविधा (एससीएफ) का विस्तार करने के भूटान के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर भी सहमत हुआ। भूटान ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत परियोजनाओं की सुचारू और निर्बाध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार (जीओआई) से धन के समय पर प्रवाह पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें भूटान को भारत की प्रतिबद्ध योजना सहायता का लगभग 90 प्रतिशत पहले ही जारी किया जा चुका है।
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इसके अलावा भूटान के आग्रह पर भारत उससे खरीदी जाने वाली पनबिजली की ज्यादा कीमत भी देने को तैयार हो गया है। भारत जो पनबिजली खरीदता है उसकी भूटान की इकोनोमी में बहुत ही अहम भूमिका है। भूटान की एक और पनबिजली परियोजना से भी भारत बिजली खरीदने को तैयार हो गया है।
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भूटान को छह तरह की मदद देगा भारत
भूटान-भारत की तरफ से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, पीएम मोदी और भूटान नरेश वांगचुक के बीच हुई वार्ता में एक तरह से भारत की तरफ से इस पड़ोसी देश को दी जाने वाली मदद का रोडमैप तैयार हुआ है। इसके तहत पांच तरह की मदद भारत देगा।
1. भूटान में 13वीं पंचवर्षीय योजना लागू हो रही है, भारत इसके लिए मदद बढ़ाएगा। इस बारे में आगे विस्तार से फैसला होगा।
2. भूटान के आग्रह पर भारत ने उसे ज्यादा वित्तीय मदद देने को तैयार हो गया है। यह मदद मौजूदा वित्तीय कर्ज के स्तर के अतिरिक्त होगी।
3. भूटान के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने में भी भारत मदद करेगा। साथ ही भूटान को जरूरी उत्पादों जैसे पेट्रोलियम, उर्वरक व कोयला की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।
4. जयगांव के नजदीक दोनो देशों की सीमा पर पहला इंटग्रेटेड चेक पोस्ट बनाया जाएगा।
5. भारत-भूटान के बीच पहला रेल नेटवर्क (कोकराझार से गेलेफू तक) बनाने का काम तेज किया जाएगा।
लगातार एक दूसरे से संपर्क में भारत और भूटान
भूटान के राजा वांगचुक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आमंत्रण पर दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। सोमवार को उनकी विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात हुई थी तो मंगलवार को उन्होंने पीएम मोदी से आधिकारिक बैठक की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी उन्होंने मुलाकात की। पीएम मोदी के साथ हुई उनकी बैठक की जानकारी देने के लिए मीडिया के समक्ष आए विदेश सचिव विनय क्वात्रा से जब यह पूछा गया कि क्या डोकलाम का मुद्दा उठा था।
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर भारत और भूटान लगातार एक दूसरे से संपर्क में है और इनके बीच हर मुद्दे पर बात हुई है। जहां तक हाल ही में दिए गए कुछ बयान से संबंध का मामला है तीनपक्षीय सीमा (डोकलाम) की स्थिति के बारे में भारत का रुख पहले से स्पष्ट है और इसे बताया गया है।