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ED: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के व्यवसायी पर शिकंजा; ब्रिटेन की पार्टी को चंदा देने की बात भी सामने आई
Thu, 04 May 2023 11:47 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 04 May 2023 11:47 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी धनशोधन जांच के सिलसिले में दिल्ली स्थित एक चावल कंपनी और उसके प्रवर्तक के परिसरों पर छापा मारा है।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बताया कि 1200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली के एक चावल व्यवसायी और उसके प्रवर्तक के परिसरों पर छापेमारी की गई। इस दौरान पता चला कि व्यवसायी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ब्रिटेन की एक राजनीतिक पार्टी को करीब 2.5 करोड़ रुपये का चंदा दिया था।
2020 में आया था मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
संघीय जांच एजेंसी ने अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रवर्तक करण ए चानना से जुड़े 21 परिसरों में दो मई को छापा मारा था। हालांकि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला 2020 में सामने आया था। सीबीआई ने इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। यह प्राथमिकी आरोपी के खिलाफ केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को 1,201.85 करोड़ रुपये का गलत नुकसान पहुंचाने के आरोप में दायर की गई थी।
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, छापेमारी के दौरान 1.01 करोड़ रुपये की नकदी और ऐसे सबूत जब्त किए गए, जो कंपनियों, हवाला, शेयरों में हेराफेरी आदि के माध्यम से ऋण राशि को किसी और काम में इस्तेमाल करने के आरोपी के तौर-तरीकों को दिखाते हैं।
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2020 में आया था मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
संघीय जांच एजेंसी ने अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रवर्तक करण ए चानना से जुड़े 21 परिसरों में दो मई को छापा मारा था। हालांकि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला 2020 में सामने आया था। सीबीआई ने इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। यह प्राथमिकी आरोपी के खिलाफ केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को 1,201.85 करोड़ रुपये का गलत नुकसान पहुंचाने के आरोप में दायर की गई थी।
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प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, छापेमारी के दौरान 1.01 करोड़ रुपये की नकदी और ऐसे सबूत जब्त किए गए, जो कंपनियों, हवाला, शेयरों में हेराफेरी आदि के माध्यम से ऋण राशि को किसी और काम में इस्तेमाल करने के आरोपी के तौर-तरीकों को दिखाते हैं।
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