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Bank Fraud Case: मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तीन बैंकर्स समेत पांच दोषी करार, सात साल के कठोर कारावास की सजा
Tue, 21 Feb 2023 08:35 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 21 Feb 2023 08:35 PM IST
सार
मेट्रोपॉलिटन सेशन जज की कोर्ट ने टी जयश्री और एम चिन्ना (चककिलम ट्रेड हाउस लिमिटेड के कर्मचारी) और तीन बैंक अधिकारियों एस नरसिम्हन, ए शशिभूषण राव और एस आरोग्यम को पीएमएलए की धाराओं के तहत दोषी ठहराया है।
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कोर्ट ऑर्डर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हैदराबाद की एक स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में दो करोड़ रुपये से ज्यादा की ऋण धोखाधड़ी के मामले में तीन बैंकर्स सहित पांच लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में दोषी ठहराया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
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ईडी ने कहा कि दोषियों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है और प्रत्येक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मेट्रोपॉलिटन सेशन जज की कोर्ट ने टी जयश्री और एम चिन्ना (चककिलम ट्रेड हाउस लिमिटेड के कर्मचारी) और तीन बैंक अधिकारियों एस नरसिम्हन, ए शशिभूषण राव और एस आरोग्यम को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धाराओं के तहत दोषी ठहराया है।
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कोर्ट ने कंपनी को एक लाख रुपये का जुर्माना भी भरने का निर्देश दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीबीआई की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद ईडी ने केस दर्ज किया गया था। ईडी ने दिसंबर, 2013 में कोर्ट के सामने चार्जशीट दाखिल की थी।
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बयान में कहा गया, एसबीआई द्वारा 2,08,50,000 रुपये की राशि मंजूर की गई थी और इसका दुरुपयोग किया गया था और इसे वैध बनाया गया था। एजेंसी ने कहा कि कर्ज के लिए बैंकों के पास गिरवी रखी गई संपत्तियों को कंपनी और उसके प्रवर्तक पहले ही बेच चुके हैं।