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Bangladesh: बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला, सभी वीजा केंद्र अनिश्चितकाल तक किए बंद
Thu, 08 Aug 2024 12:20 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 08 Aug 2024 12:20 PM IST
सार
भारत सरकार ने बांग्लादेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए एक दिन पहले ही बांग्लादेश स्थित दूतावास और महावाणिज्य दूतावास से अपने अतिरिक्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस दिल्ली बुला लिया था। सरकार के इस फैसले के बाद ही सभी वीजा केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है।
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शेख हसीना के इस्तीफे के बाद जश्न मनाते बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी
- फोटो : एक्स/तारीक रहमान
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विस्तार
बांग्लादेश में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने बांग्लादेश में अपने सभी वीजा केंद्र बंद रखने का फैसला किया है। भारतीय वीजा के लिए आवेदन करने वाले ऑनलाइन पोर्टल पर जारी किए गए बयान के अनुसार, 'सभी भारतीय वीजा आवेदन केंद्र अगले आदेश तक बंद रखे जाएंगे। बांग्लादेश में जारी अस्थिरता के चलते यह फैसला किया गया है। आवेदन की अगली तारीख की जानकारी जल्द ही मैसेज के जरिए दे दी जाएगी। पासपोर्ट अगले कार्यदिवस पर लिया जा सकता है।'
भारत सरकार ने बांग्लादेश से कई राजनयिकों को वापस बुलाया
भारत सरकार ने बांग्लादेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए एक दिन पहले ही बांग्लादेश स्थित दूतावास और महावाणिज्य दूतावास से अपने अतिरिक्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस दिल्ली बुला लिया था। सरकार के इस फैसले के बाद ही सभी वीजा केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है। हालांकि अभी भी बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त और कई अन्य कर्मचारी मौजूद हैं और दूतावास में सामान्य रूप से काम हो रहा है। बांग्लादेश में भारत के एक उच्चायुक्त और चिटगांव, राजशाही, खुलना और सिलहट में महावाणिज्यदूत मौजूद हैं।
आरक्षण के विरोध से भड़की हिंसा
बांग्लादेश में 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रतता सेनानियों के लिए तय किए आरक्षण के खिलाफ जुलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए और छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की जाने लगी। ये विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि बीती 5 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं। वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गुरुवार को अंतरिम सरकार का गठन किया जाना है। इस अंतरिम सरकार की देखरेख में ही अगले कुछ महीनों में चुनाव कराए जाने की बात कही गई है।
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भारत सरकार ने बांग्लादेश से कई राजनयिकों को वापस बुलाया
भारत सरकार ने बांग्लादेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए एक दिन पहले ही बांग्लादेश स्थित दूतावास और महावाणिज्य दूतावास से अपने अतिरिक्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस दिल्ली बुला लिया था। सरकार के इस फैसले के बाद ही सभी वीजा केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है। हालांकि अभी भी बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त और कई अन्य कर्मचारी मौजूद हैं और दूतावास में सामान्य रूप से काम हो रहा है। बांग्लादेश में भारत के एक उच्चायुक्त और चिटगांव, राजशाही, खुलना और सिलहट में महावाणिज्यदूत मौजूद हैं।
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आरक्षण के विरोध से भड़की हिंसा
बांग्लादेश में 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रतता सेनानियों के लिए तय किए आरक्षण के खिलाफ जुलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए और छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की जाने लगी। ये विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि बीती 5 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं। वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गुरुवार को अंतरिम सरकार का गठन किया जाना है। इस अंतरिम सरकार की देखरेख में ही अगले कुछ महीनों में चुनाव कराए जाने की बात कही गई है।
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