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Telanagana: पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ बंद शुरू, राजनीतिक दलों ने किया समर्थन
Sat, 18 Oct 2025 11:06 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 18 Oct 2025 11:06 AM IST
सार
Telanagana: तेलंगाना में पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ पिछड़ा वर्ग संयुक्त समिति के आह्वान पर राज्यव्यापी बंद किया गया। इस बंद को कांग्रेस, भाजपा और बीआरएस समेत सभी प्रमुख दलों का समर्थन मिला और कई स्थानों पर धरने-प्रदर्शन हुए। सरकार पर अदालत को समझाने में विफल रहने के आरोप लगे। वहीं प्रशासन ने बंद को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की।
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तेलंगाना में बंद का समर्थन करते बीआरएस कार्यकर्ता
- फोटो : एक्स/वी श्रीनिवास गौड़
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विस्तार
पिछड़ा वर्ग संयुक्त कार्रवाई समिति (बीसी जेएसी) के आह्वान पर तेलंगाना में राज्यव्यापी बंद शुरू हो गया है। यह बंद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ बुलाया गया है, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों को दिए गए 42 फीसदी आरक्षण पर रोक लगाई गई है। इस बंद को सत्तारूढ़ कांग्रेस समेत सभी सियासी दलों का समर्थन मिला है।
समिति के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद आर कृष्णैया ने पहले ही सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों से बंद को समर्थन देने की अपील की थी। आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी क्षेत्रों से बंद में सहयोग करने की अपील की गई है।
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तेलंगाना हाईकोर्ट ने नौ अक्तूबर को राज्य सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग समुदाय को 42 फीसदी आरक्षण देने की बात कही गई थी।
इस विरोध के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों और पिछड़ा वर्ग संगठनों के नेता तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) की बस डिपो के बाहर धरना दे रहे हैं और बसों को बाहर निकलने से रोक रहे हैं। भाजपा के लोकसभा सांसद एतला राजेंदर ने जुबली बस स्टेशन पर बंद में हिस्सा लिया।
तेलंगाना जागृति की संस्थापक और बीआरएस नेता के. कविता ने भी धरना दिया और मीडिया से कहा कि अदालत को आरक्षण के पक्ष में राजी करने में सरकार विफल रही है। उन्होंने कहा, चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, पिछड़ा वर्ग समुदाय को गुमराह करना बंद करें। अगर स्थानीय चुनाव अभी नहीं भी होते तो कोई फर्क नहीं पड़ता। पहले पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण सुनिश्चित करें।
टीएसआरटीसी (टीजीआरटीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुबह के समय बस स्टेशनों और डिपो में सेवाएं कुछ देर के लिए प्रभावित रहीं। तेलंगाना की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग संयुक्त समिति द्वारा बुलाए गए इस बंद को समर्थन देने की घोषणा की थी। भाजपा और बीआरएस ने भी बंद को समर्थन दिया है।
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उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने एक बयान में कहा, मैं सभी लोगों और सभी समुदायों से अपील करता हूं कि वे 18 अक्तूबर यानी आज आयोजित बंद में भाग लें, जो भाजपा के खिलाफ पूरे राज्य में आयोजित किया जा रहा है।
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर सभी संगठनों से अपील की कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से हो और जनता को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बंद के नाम पर अशांति या अवैध गतिविधियों में शामिल होता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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समिति के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद आर कृष्णैया ने पहले ही सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों से बंद को समर्थन देने की अपील की थी। आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी क्षेत्रों से बंद में सहयोग करने की अपील की गई है।
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तेलंगाना हाईकोर्ट ने नौ अक्तूबर को राज्य सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग समुदाय को 42 फीसदी आरक्षण देने की बात कही गई थी।
इस विरोध के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों और पिछड़ा वर्ग संगठनों के नेता तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) की बस डिपो के बाहर धरना दे रहे हैं और बसों को बाहर निकलने से रोक रहे हैं। भाजपा के लोकसभा सांसद एतला राजेंदर ने जुबली बस स्टेशन पर बंद में हिस्सा लिया।
तेलंगाना जागृति की संस्थापक और बीआरएस नेता के. कविता ने भी धरना दिया और मीडिया से कहा कि अदालत को आरक्षण के पक्ष में राजी करने में सरकार विफल रही है। उन्होंने कहा, चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, पिछड़ा वर्ग समुदाय को गुमराह करना बंद करें। अगर स्थानीय चुनाव अभी नहीं भी होते तो कोई फर्क नहीं पड़ता। पहले पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण सुनिश्चित करें।
टीएसआरटीसी (टीजीआरटीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुबह के समय बस स्टेशनों और डिपो में सेवाएं कुछ देर के लिए प्रभावित रहीं। तेलंगाना की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग संयुक्त समिति द्वारा बुलाए गए इस बंद को समर्थन देने की घोषणा की थी। भाजपा और बीआरएस ने भी बंद को समर्थन दिया है।
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उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने एक बयान में कहा, मैं सभी लोगों और सभी समुदायों से अपील करता हूं कि वे 18 अक्तूबर यानी आज आयोजित बंद में भाग लें, जो भाजपा के खिलाफ पूरे राज्य में आयोजित किया जा रहा है।
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर सभी संगठनों से अपील की कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से हो और जनता को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बंद के नाम पर अशांति या अवैध गतिविधियों में शामिल होता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।