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Aviation: DGCA ने कमांडर्स के लिए शुरू किया डिजिटल लाइसेंस, 2024 में बने रिकॉर्ड संख्या में नए पायलट
Wed, 21 Jan 2026 11:41 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:41 PM IST
सार
भारत धीरे-धीरे पूरी एविएशन लाइसेंसिंग को डिजिटल बना रहा है। इस कड़ी में डीजीसीए की तरफ से कमांडर्स के लिए डिजिटल लाइसेंस शुरू किया गया है। एटीपीएल वही लाइसेंस होता है जो बड़े यात्री विमान उड़ाने वाले कैप्टन के पास होता है। पढ़ें, क्या है ये नई व्यवस्था?
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विमानन नियामक डीजीसीए
- फोटो : dgca.gov.in
विस्तार
भारत की विमानन सुरक्षा संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पायलटों के लिए एक बहुत बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। डीजीसीए ने अब एयरलाइन के कैप्टन और कमांडर पायलटों के लिए इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल लाइसेंस (ईपीएल) शुरू कर दिया है।य ह सुविधा अभी एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) वालों के लिए शुरू की गई है।
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क्या है ATPL और EPL?
एटीपीएल वही लाइसेंस होता है जो बड़े यात्री विमान उड़ाने वाले कैप्टन के पास होता है। अब तक पायलटों को कागज वाला लाइसेंस मिलता था, जिसे खोने, फटने या नकली बनने का खतरा रहता था। लेकिन ईपीएल एक डिजिटल लाइसेंस है, जो पूरी तरह सुरक्षित होगा, इसमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी और तुरंत ऑनलाइन जांचा भी जा सकेगा।
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यह लाइसेंस डीजीसीए के eGCA मोबाइल एप पर दिखेगा। यानी इस नई व्यवस्था के बाद अब पायलट को कागज लेकर घूमने की जरूरत नहीं, मोबाइल में ही लाइसेंस रहेगा। बता दें कि डीजीसीए पहले ही फरवरी 2025 में कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल), फ्लाइट रेडियो टेलीफोन ऑपरेटर लाइसेंस (एफआरटीओएल) के लिए ईपीएल शुरू कर चुका था। अब इसे एटीपीएल के लिए भी शुरू कर दिया गया है।
2024 में रिकॉर्ड तोड़ 1628 सीपीएल किए गए जारी
वहीं डीजीसीए ने साल 2024 में रिकॉर्ड तोड़ 1628 कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) जारी किए। यह भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार के अनुसार साल 2018 में 640 लाइसेंस, 2019 में 744, 2020 में 578, 2021 में 862, 2022 में 1165, 2023 में 1622 और 2024 में अब तक का सबसे ज्यादा 1628 लाइसेंस जारी किए गए हैं। यानि सिर्फ आठ साल में पायलट लाइसेंस की संख्या ढाई गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। इसका मतलब साफ है भारत में एयरलाइंस तेजी से बढ़ रही हैं, नए विमान आ रहे हैं, पायलटों की मांग बहुत ज्यादा हो गई है।
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टिकट के दामों को लेकर भी सख्ती
इसके साथ ही सरकार ने टिकट के दामों को लेकर भी सख्ती दिखाई। दिसंबर में जब इंडिगो की फ्लाइट्स में दिक्कत आई थी, तब कई रूट्स पर टिकट बहुत महंगे हो गए थे। तब सरकार ने सभी एयरलाइंस को आदेश दिया और किराए की एक सीमा तय की, ताकि कोई भी एयरलाइन मजबूरी का फायदा उठाकर महंगे टिकट न बेचे। खास तौर पर ध्यान रखा गया कि बुजुर्गों, छात्रों, बीमार लोगों, आपात यात्रा करने वालों पर आर्थिक बोझ न पड़े। सरकार ने कहा कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक ये किराया नियंत्रण जारी रहेगा।
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क्या है ATPL और EPL?
एटीपीएल वही लाइसेंस होता है जो बड़े यात्री विमान उड़ाने वाले कैप्टन के पास होता है। अब तक पायलटों को कागज वाला लाइसेंस मिलता था, जिसे खोने, फटने या नकली बनने का खतरा रहता था। लेकिन ईपीएल एक डिजिटल लाइसेंस है, जो पूरी तरह सुरक्षित होगा, इसमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी और तुरंत ऑनलाइन जांचा भी जा सकेगा।
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यह लाइसेंस डीजीसीए के eGCA मोबाइल एप पर दिखेगा। यानी इस नई व्यवस्था के बाद अब पायलट को कागज लेकर घूमने की जरूरत नहीं, मोबाइल में ही लाइसेंस रहेगा। बता दें कि डीजीसीए पहले ही फरवरी 2025 में कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल), फ्लाइट रेडियो टेलीफोन ऑपरेटर लाइसेंस (एफआरटीओएल) के लिए ईपीएल शुरू कर चुका था। अब इसे एटीपीएल के लिए भी शुरू कर दिया गया है।
2024 में रिकॉर्ड तोड़ 1628 सीपीएल किए गए जारी
वहीं डीजीसीए ने साल 2024 में रिकॉर्ड तोड़ 1628 कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) जारी किए। यह भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार के अनुसार साल 2018 में 640 लाइसेंस, 2019 में 744, 2020 में 578, 2021 में 862, 2022 में 1165, 2023 में 1622 और 2024 में अब तक का सबसे ज्यादा 1628 लाइसेंस जारी किए गए हैं। यानि सिर्फ आठ साल में पायलट लाइसेंस की संख्या ढाई गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। इसका मतलब साफ है भारत में एयरलाइंस तेजी से बढ़ रही हैं, नए विमान आ रहे हैं, पायलटों की मांग बहुत ज्यादा हो गई है।
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टिकट के दामों को लेकर भी सख्ती
इसके साथ ही सरकार ने टिकट के दामों को लेकर भी सख्ती दिखाई। दिसंबर में जब इंडिगो की फ्लाइट्स में दिक्कत आई थी, तब कई रूट्स पर टिकट बहुत महंगे हो गए थे। तब सरकार ने सभी एयरलाइंस को आदेश दिया और किराए की एक सीमा तय की, ताकि कोई भी एयरलाइन मजबूरी का फायदा उठाकर महंगे टिकट न बेचे। खास तौर पर ध्यान रखा गया कि बुजुर्गों, छात्रों, बीमार लोगों, आपात यात्रा करने वालों पर आर्थिक बोझ न पड़े। सरकार ने कहा कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक ये किराया नियंत्रण जारी रहेगा।
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