{"_id":"69711313ead3198f8406d5f3","slug":"hurun-report-startup-india-dominates-166-young-indian-entrepreneurs-100-million-club-leaving-china-behind-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hurun Report: स्टार्टअप इंडिया का दबदबा! 10 करोड़ डॉलर के क्लब में भारत के 166 युवा उद्यमी, चीन को छोड़ा पीछे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Hurun Report: स्टार्टअप इंडिया का दबदबा! 10 करोड़ डॉलर के क्लब में भारत के 166 युवा उद्यमी, चीन को छोड़ा पीछे
Wed, 21 Jan 2026 11:25 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:25 PM IST
सार
हुरुन इंडिया यूटीएच सीरीज-2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 40 वर्ष से कम उम्र के युवा उद्यमियों द्वारा संचालित 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य की कंपनियों की संख्या में चीन को पीछे छोड़ दिया है। भारत में ऐसे 166 युवा संस्थापक हैं, जबकि चीन में 140। भारतीय युवा उद्यमी 357 अरब डॉलर की कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं और नई पीढ़ी करियर की परिभाषा बदल रही है।
विज्ञापन
भारत और चीन का झंडा।
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत ने युवा उद्यमियों की ओर से चलाई जा रही उच्च-मूल्य (हाई-वैल्यू) वाली कंपनियों की संख्या में चीन को पीछे छोड़ दिया है। खासकर 40 साल या उससे कम उम्र के ऐसे उद्यमियों के मामले में, जिन्होंने अपने दम पर 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य की कंपनियां खड़ी की हैं। एवेंडस वेल्थ हुरुन इंडिया यूटीएच सीरीज-2025 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य वाली कंपनियां बनाने वाले 40 साल या उससे कम उम्र के उद्यमियों की संख्या 166 है, जबकि चीन में सिर्फ 140 युवा संस्थापक ही हैं। हालांकि, 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा मूल्य वाली कंपनियां चलाने वाले अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जेनरेशन) के उद्यमियों की संख्या भारत के मुकाबले अधिक है।
चीन में ऐसे 54 युवा उद्यमी है, जबकि भारत में यह संख्या 35 है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 40 साल से कम उम्र के ऐसे उद्यमियों की संख्या चीन के मुकाबले अधिक है, जिन्होंने 10 करोड़ डॉलर की कंपनियां बनाई हैं या 20 करोड़ डॉलर से अधिक वैल्यू वाली इकाई चला रहे हैं। भारत में ऐसे उद्यमियों की संख्या 201 है, जो चीन के 194 की तुलना में अधिक है। इसके अलावा, भारत में पहली पीढ़ी के 83 फीसदी उद्यमी हैं, जबकि चीन में यह संख्या 72 फीसदी है।
भारतीय उद्यमियों के करण अदाणी शीर्ष पर
रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी पोर्ट्स एंड सेज के 38 वर्षीय करण अदाणी 201 भारतीय युवा उद्यमियों की सूची में सबसे ऊपर हैं। एल्केमी के निखिल विश्वनाथन दूसरे और अपोलो हॉस्पिटल्स के हर्षद रेड्डी तीसरे स्थान पर हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Maharashtra: रायगढ़ में NCP सहयोगी नहीं, शिवसेना मंत्री गोगवाले गणतंत्र दिवस पर फहराएंगे तिरंगा; जानें क्यों?
31 लाख करोड़ की कंपनियों का नेतृत्व करते हैं भारतीय
हुरुन ने कहा, सूची में शामिल उद्यमी संयुक्त रूप से 357 अरब डॉलर (31 लाख करोड़ रुपये) की कंपनियों का नेतृत्व करते हैं, भारतीय जीडीपी का लगभग 11वां हिस्सा है। ये कंपनियां कुल मिलाकर 4.43 लाख लोगों को रोजगार देती हैं। अपोले हॉस्पिटल्स 42,497 लोगों को रोजगार देने के साथ अग्रणी है।
दोनों देशों में एक ही जैसे काम
दिलचस्प बात यह है कि भारत और चीन में युवा उद्यमी जिन मुख्य इंडस्ट्रीज में काम करते हैं, वे दोनों देशों में एक जैसी हैं। इनमें ज्यादातर कंपनियां सॉफ्टवेयर उत्पाद और सेवा क्षेत्र में हैं।
कॅरिअर की नई परिभाषा गढ़ रहे नए उद्यमी
हुरुन इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा, नई पीढ़ी भारत में करियर की ऊंचाइयों को नए सिरे से परिभाषित कर रही है। इसमें 30 साल की उम्र के बीच के कई लोग पहले से ही सैस (सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस), फिनटेक, हेल्थकेयर, स्वच्छ ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और कंज्यूमर ब्रांड्स जैसे क्षेत्रों में शानदार तरीके से बिजनेस चला रहे हैं और सबसे आगे हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
चीन में ऐसे 54 युवा उद्यमी है, जबकि भारत में यह संख्या 35 है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 40 साल से कम उम्र के ऐसे उद्यमियों की संख्या चीन के मुकाबले अधिक है, जिन्होंने 10 करोड़ डॉलर की कंपनियां बनाई हैं या 20 करोड़ डॉलर से अधिक वैल्यू वाली इकाई चला रहे हैं। भारत में ऐसे उद्यमियों की संख्या 201 है, जो चीन के 194 की तुलना में अधिक है। इसके अलावा, भारत में पहली पीढ़ी के 83 फीसदी उद्यमी हैं, जबकि चीन में यह संख्या 72 फीसदी है।
विज्ञापन
भारतीय उद्यमियों के करण अदाणी शीर्ष पर
रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी पोर्ट्स एंड सेज के 38 वर्षीय करण अदाणी 201 भारतीय युवा उद्यमियों की सूची में सबसे ऊपर हैं। एल्केमी के निखिल विश्वनाथन दूसरे और अपोलो हॉस्पिटल्स के हर्षद रेड्डी तीसरे स्थान पर हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Maharashtra: रायगढ़ में NCP सहयोगी नहीं, शिवसेना मंत्री गोगवाले गणतंत्र दिवस पर फहराएंगे तिरंगा; जानें क्यों?
31 लाख करोड़ की कंपनियों का नेतृत्व करते हैं भारतीय
हुरुन ने कहा, सूची में शामिल उद्यमी संयुक्त रूप से 357 अरब डॉलर (31 लाख करोड़ रुपये) की कंपनियों का नेतृत्व करते हैं, भारतीय जीडीपी का लगभग 11वां हिस्सा है। ये कंपनियां कुल मिलाकर 4.43 लाख लोगों को रोजगार देती हैं। अपोले हॉस्पिटल्स 42,497 लोगों को रोजगार देने के साथ अग्रणी है।
दोनों देशों में एक ही जैसे काम
दिलचस्प बात यह है कि भारत और चीन में युवा उद्यमी जिन मुख्य इंडस्ट्रीज में काम करते हैं, वे दोनों देशों में एक जैसी हैं। इनमें ज्यादातर कंपनियां सॉफ्टवेयर उत्पाद और सेवा क्षेत्र में हैं।
कॅरिअर की नई परिभाषा गढ़ रहे नए उद्यमी
हुरुन इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा, नई पीढ़ी भारत में करियर की ऊंचाइयों को नए सिरे से परिभाषित कर रही है। इसमें 30 साल की उम्र के बीच के कई लोग पहले से ही सैस (सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस), फिनटेक, हेल्थकेयर, स्वच्छ ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और कंज्यूमर ब्रांड्स जैसे क्षेत्रों में शानदार तरीके से बिजनेस चला रहे हैं और सबसे आगे हैं।
अन्य वीडियो-