{"_id":"5deebd818ebc3e87b17f40eb","slug":"atrocities-against-women-and-girls-are-worrying-and-shameful-says-vice-president-venkaiah-naidu","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं-लड़कियों के खिलाफ अत्याचार चिंताजनक और शर्मनाक: उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महिलाओं-लड़कियों के खिलाफ अत्याचार चिंताजनक और शर्मनाक: उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू
Tue, 10 Dec 2019 03:02 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 10 Dec 2019 03:02 AM IST
विज्ञापन
उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू ने महिलाओं एवं लड़कियों के खिलाफ हालिया अत्याचारों को ‘चिंताजनक’ और ‘शर्मनाक’ बताते हुए सोमवार को कहा कि समस्या से निपटने के लिए सिर्फ विधेयक ले आना काफी नहीं है, सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरूरत है।
विज्ञापन
नायडू ने कहा कि लड़कियां जब बाहर जाती हैं तो आमतौर पर उन्हें सतर्क रहने के लिए कहा जाता है लेकिन वक्त आ गया है कि लड़कों को चेताया जाए। फिक्की की ओर से यहां आयोजित एक सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल में सामाजिक भेदभाव या लैंगिंग भेदभाव या लड़कियों के खिलाफ अत्याचारों की घटनाएं सच में चिंताजनक हैं। हमें मामले को प्रभावी तरीके से निपटना होगा, कानून लाना काफी नहीं है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, ‘मैं अक्सर कहता हूं कि हमारे देश में, हमारी व्यवस्था में एक कमजोरी है कि जब भी कुछ होता है लोग कहते हैं विधेयक लाओ।’ नायडू ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति और प्रशासनिक कौशल की जरूरत है।
विज्ञापन
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘हमारे समाज में आम तौर पर, हम लड़कियों से कहना शुरू करते हैं कि ध्यान से रहना, सूरज ढलने से पहले वापस आ जाना, लेकिन वक्त आ गया है कि हम अपने लड़कों को चेताएं।’ उन्होंने कहा जो हो रहा है वो ‘शर्मनाक’है।
नायडू ने कहा, ‘आप अखबारों में पढ़ते हैं कि पिता, बेटी से दुष्कर्म कर रहा है, शिक्षक विद्यार्थी से दुर्व्यवहार कर रहा है, विद्यार्थी शिक्षक से बदसलूकी कर रहा है। यह सब विपथन है, लेकिन हमें यह देखना चाहिए कि मूल्य एवं महिलाओं का सम्मान उन्हें शुरुआती स्तर पर सिखाया जाए।’