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कर्नाटक: विधानसभा में पेश हुआ धर्मांतरण विरोधी विधेयक, कांग्रेस ने किया वॉकआउट, डीके शिवकुमार ने फाड़ी बिल की कॉपी

Tue, 21 Dec 2021 11:18 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेलगावी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेलगावी Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 21 Dec 2021 11:18 PM IST
सार

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को विवादित धर्मांतरण विरोधी विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक पर कल यानी बुधवार को चर्चा की जाएगी। कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पर मुहर लगा दी गई थी। 

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Anti Conversion bill tabled in Karnataka Legislative Assembly discussion to be done tomorrow congress opposed and staged walkout as DK Shivakumar tore copy of bill
कर्नाटक के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र - फोटो : वीडियोग्रैब

विस्तार

कर्नाटक के बेलगावी में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को राज्य के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने धर्मांतरण विरोधी विधेयक पेश किया। विधानसभा के स्पीकर ने घोषणा की कि उन्होंने सरकार को प्रक्रिया के अनुसार धर्मांतरण विरोधी विधेयक को पेश करने की अनुमति दी है और इस पर कल (बुधवार) चर्चा की जाएगी। कांग्रेस ने इस विधेयक के प्रति विरोध व्यक्त किया व सदन से वॉकआउट किया। डीके शिवकुमार ने सदन के अंदर विधेयक की प्रति भी फाड़ दी। 

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मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इसे लेकर कहा कि इस विधेयक पर चर्चा करने का विधानसभा में पूरा अवसर मिलेगा। जब विधेयक सदन में पेश किया गया तब वो (विपक्षी नेता) वहां मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह सरकार की गलती नहीं है।
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संविधान के खिलाफ है यह विधेयक: डीके शिवकुमार
वहीं, शिवकुमार ने इसे लेकर कहा मैंने बिल फाड़ा क्योंकि यह संविधान के खिलाफ है। हम इसे पेश किए जाने से पहले ही रोकना चाहते थे। उन्हें बहुमत के अनुसार चलना चाहिए लेकिन स्पीकर ने सरकार से हाथ मिला लिया है। हम इसका विरोध करेंगे।

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एक दिन पहले ही यानी सोमवार को मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दे दी गई थी। लोगों के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की सुरक्षा करने के लिए लाए जा रहे इस विधेयक के तहत जबरदस्ती, धोखेबाजी से, लालच देकर या जबरन विवाह के माध्यम से धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए प्रावधान किए जाएंगे।विपक्षी दल और ईसाई समुदाय के नेता राज्य की भाजपा सरकार के इस इस प्रस्तावित विधेयक का विरोध करते आ रहे हैं।

आर्कबिशप बोले, हमारे भरोसे पर उठा रहे सवाल
बेंगलुरु के आर्कबिशप पीटर मचाडो ने कहा कि इस बिल से वे (सरकार) हमें बहुत आहत कर रहे हैं। वे हमारे भरोसे पर सवाल उठा रहे हैं, हमारी अच्छी सेवाओं पर सवाल उठा रहे हैं जो हम कर रहे हैं। जब से इस विधेयक की घोषणा की गई है तब से हमलों का स्तर भी बढ़ गया है। 
 

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